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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. माध्यमिक शिक्षा मंडल(माशिमं) द्वारा आयोजित हाई व हायर सेकेंडरी परीक्षाओं के पर्चे जंचने के साथ-साथ नकल का सच भी खुलने लगा है। रायपुर में जांजगीर-चांपा जिले की उत्तर पुस्तिकाएं जंचने के लिए भेजी गई हैं। सूत्रों ने बताया कि अभी तक 20 प्रतिशत कापियां जंची हैं, उनमें 99 फीसदी विद्यार्थी पास हैं।
रायपुर में दानी गल्र्स और गवर्नमेंट स्कूल में बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की जा रही हैं। बताते हैं कि दोनों बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थी थोक में न सिर्फ पास हो रहे हैं, बल्कि उनका प्रतिशत भी प्रथम श्रेणी से कम नहीं है। 60-62 प्रतिशत से कम अंक कोई भी विद्यार्थी प्राप्त नहीं कर रहा है।
शिक्षा विभाग के सूत्रों ने बताया कि विद्यार्थियों ने उत्तर भी हुबहू लिखे हैं। उनके लिखने का पैटर्न और क्रम भी एक समान है। उदाहरण के तौर पर अगर किसी विद्यार्थी ने पहले प्रश्न के दो विकल्पों में दूसरे नंबर के सवाल का जवाब लिखा है, तो दूसरे विद्यार्थी ने भी वही सवाल हल किया है।
विद्यार्थियों ने सवालों के जवाब सही-सही लिखे हैं, ऐसी दशा में उत्तर पुस्तिका जांचने वाले नंबरों में कटौती भी नहीं कर पा रहे हैं। दोनों स्कूलों में 3 अप्रैल से मूल्यांकन का काम शुरु हुआ है। दो-तीन दिन तक शिक्षकों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। तीसरे दिन भी जब एक के बाद एक उत्तर पुस्तिका जांचते हुए उन्हें आभास हुआ कि सभी के उत्तर एक समान लिखे गए हैं, तब वे हड़बड़ाए। पहले शिक्षकों ने आपस यह बात की। उसके बाद अफसरों को इसकी जानकारी दी गई।
पहले से ब्लैक लिस्टेड : जांजगीर-चांपा जिला बोर्ड परीक्षाओं में सामूहिक नकल के लिए पहले से ब्लैक लिस्टेड है। पिछले साल पूरे जिले के 32 परीक्षा सेंटरों को सामूहिक नकल की शिकायतों के कारण बंद किया गया था। उसके बाद भी इस वर्ष जमकर नकल हुई। माशिमं के आला अफसर और खुद अध्यक्ष बीकेएस रे ने वहां के परीक्षा सेंटरों में दबिश दी थी। लेकिन जितने सेंटरों पर उन्होंने छापा मारा, केवल वहीं पर नकल पर अंकुश लग सका था। बाकी सेंटरों में बेरोक-टोक नकल चली थी।
बोर्ड को करेंगे आगाह : प्राचार्य गवर्नमेंट स्कूल के प्राचार्य और मूल्यांकन अधिकारी एन. कुजूर ने बताया कि उत्तर पुस्तिका जांचते समय नकल का अंदेशा होने पर माशिमं के अधिकारियों से शिकायत की जाती है। अभी शिक्षकों से मिली जानकारी का परीक्षण किया जा रहा है। हालांकि इस तरह सीधे तौर पर सामूहिक नकल का केस नहीं बनाया जा सकता, परंतु बोर्ड को चिट्ठी लिखकर शिकायत की जाएगी।
25 फीसदी शिक्षक गोल
राजधानी के दोनों परीक्षा सेंटरों से 25 फीसदी मूल्यांकनकर्ता गायब हैं। गवर्नमेंट स्कूल में गायब होने वाले शिक्षकों की जानकारी कलेक्ट की जा रही है। अफसरों ने बताया कि शिक्षकों की अनुपस्थिति के कारण मूल्यांकन कार्य पिछड़ रहा है। बोर्ड ने 15 दिन का समय दिया है। निर्धारित समय अवधि के एक हफ्ता पहले उत्तर पुस्तिकाओं का आंकलन किया जाएगा। उसके बाद बोर्ड से अतिरिक्त शिक्षक मांगे जाएंगे।