बांदीकुई. एक अप्रैल से शुरू हुई राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना की बांदीकुई में 10 दिन बाद भी उपलब्धि न के बराबर है। पूरी पंचायतों में योजना के काम शुरू होना तो दूर की बात अभी तक दो तिहाई ग्राम पंचायतों में मस्टररोल जारी ही नहीं हुई।
ग्राम पंचायतों के लोगों को वर्ष में 100 दिन रोजगार देने के उद्देश्य से शुरु की गई इस योजना को प्रशासन व सरकार एक अप्रैल से शुरू करने का दावा कर रहे हैं, लेकिन योजना की हकीकत कुछ और ही बया कर रही हैं। योजना बांदीकुई पंचायत समिति क्षेत्र में शुरू होना तो दूर की बात यहां अभी तक स्वीकृत कार्र्यो की मस्टररोल ही जारी नहीं हुई है।
प्रथम चरण में यहां की 42 पंचायतों में 134 कार्र्यो की प्रशासनिक, वित्तीय व तकनीकी स्वीकृति जारी हुई। इसमें दस दिन बाद तक 13 ग्राम पंचायतों में मात्र 31 कार्यों के लिए ही मस्टररोल जारी हुई है। जो 25 प्रतिशत से भी कम है। इसका कारण कहीं जॉब कार्ड तो कहीं फोटोग्राफी का अधूरा कार्य बताया जा रहा है। काबिलेगौर तो यह है कि जारी हुई 31 मस्टररोल में से कितने स्थानों पर कार्य शुरू हुआ है। इसका लेखा-जोखा पंचायत समिति की नरेगा शाखा के पास नहीं है।