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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur रायगढ़. शासकीय कार्यो में भ्रष्टाचार की रोकथाम और पारदर्शिता लाने के जिस सद्विचार को लेकर ‘सूचना का अधिकार’ लागू किया गया है, वह अपने लक्ष्य से पूर्णतया भटक चुका है। इस अचूक अस्त्र की धार को भोथरा करने का कार्य भी और कोई नहीं शासन के नुमाइंदे ही कर रहे हैं।
इस अधिकार का उपयोग कर भ्रष्ट प्रवृत्ति वाले पंचायत प्रतिनिधियों को बेनकाब करने का जज्बा मन में संजोए मनभागीदारी समिति (निगरानी समिति) ग्राम पंचायत तारापुर का सदस्य लक्ष्मी प्रसाद सिदार पिछले 22 महीने से भटक रहा है।
सूचना प्राप्त करने हेतु प्रथम आवेदन बीते 15 मई 06 को प्रस्तुत करते हुए 1 अप्रैल 04 से 15 मई 06 तक के रोकड़ पंजी की प्रतिलिपि प्रदान करने का निवेदन करने वाले लक्ष्मी प्रसाद को क्या मालूम था कि इसके बाद आवेदन-दर-आवेदन पेश करने और विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने का एक अन्तहीन सिलसिला प्रारंभ होने वाला है।
अपने आवेदन पर कोई कार्रवाई न होने और उल्टे ग्राम सभा की भरी बैठक में सचिव द्वारा जानकारी उपलब्ध कराने के एवज में रकम की मांग किए जाने से क्षुब्ध होकर प्रार्थी ने ग्राम सुराज अभियान 4 अप्रैल 07 की बैठक में प्रभारी अधिकारी को सरपंच/सचिव द्वारा बालू की रायल्टी पंचायत मद में जमा न करने तथा विद्युत बल्ब खरीदी में भ्रष्टाचार की शिकायत की गई। साथ ही कलेक्टर को भी 13 अप्रैल 07 को तदाशय का पत्र प्रेषित किया। तब कलेक्टर की पहल पर प्रथम बार उसके आवेदन पर विचार किया गया, जिसमें जिला पंचायत के माध्यम से जनपद पंचायत को मूलत: शिकायत प्रेषित की, जिस पर जन सूचना अधिकारी ने अपने पत्र क्रमांक 233, 9 मई 07 के द्वारा आवेदन लक्ष्मी सिदार को सूचना देकर 14 मई 07 को उपस्थित होने का निर्देश दिया।
जहां आवेदक को उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर लेकर यह कहा गया कि जानकारी उसके घर के पते पर भेज दी जाएगी किंतु ऐसा हुआ नहीं। आवेदक ने 21 मई 07 को मु.का. अधि. जिपं. रायगढ़ को पुन: आवेदन देकर अपनी व्यथा से अवगत कराया तब 28 दिसंबर 07 को जिपं ने जनपद पंचायत को पत्र क्र. 5019/ सू.अ./07 के तहत निराकरण हेतु पत्र लिखा। इस बीच आवेदक ने स्मरण पत्र भी भेजा लेकिन कोई निराकरण नहीं हुआ। अब पुन: ग्राम सुराज अभियान 08 शुरू होगा।इस संबंध में अभी मुझे कोई जानकारी नहीं है। आवेदक को पिछले 22 माह में जानकारी क्यों नहीं मिल पाई इसका पता लगाया जाएगा।
-सीपी मनहर,सीईओ जनपद पंचायत, रायगढ़
तारीखों में उलझा आवेदन
>> प्रथम आवेदन-गरीबी रेखा अंतर्गत आवेदन में जन सूचना अधिकारी को 15 मई 06 को 1 अप्रैल 04 से आवेदन दिनांक तक आंकड़े पंजी की प्रतिलिपि की मांग की गई।
23 जनवरी 07 को ग्राम सभा की बैठक में कहा कि रुपए लगेगा फाईल ढूंढने में तो समय लगेगा। 1.50 रुपए प्रति मिनिट की दर से।
>> 4 अप्रैल 07 तारापुर में ग्राम सुराज अभियान 07 की बैठक में प्रभारी अधिकारी को आवेदन दिया। बालू की रायल्टी का पैसा पंचायत के फंद में जमा नहीं किया गया है। विद्युत बल्ब खरीदी में भी भ्रष्टाचार है। सचिव बाबूलाल निषाद को जांच कर दंडित किया जाए। 13अप्रैल 07 को कलेक्टर रायगढ़ को लिखा।
>> मुख्य कार्यपालन अधिकारी- जिला पंचायत रायगढ़ को भी जानकारी प्राप्त करने हेतु आवेदन दिया। इसके पूर्व 28 जुलाई 07 को मुख्यमंत्री को लिखा गया, जिसमें ग्राम सुराज का जिक्र है।
>> 14 मई 07 को जनपद पंचायत कार्यालय में उपस्थित होने कहा गया। उपस्थित होने पर केवल हस्ताक्षर लिया जाकर जानकारी घर के पते पर भेजने की बात कही गई।
>> 21 मई 07 को उक्त आशय का पत्र सीईओ जनपद रायगढ़ को लिखा गया।
>> 9 मई 07 को जनसूचना अधिकारी का पत्र 9 मई 07 के द्वारा 14 मई 07 को उपस्थित होने कहा गया।
>> 20 दिसंबर 07 को जिपं ने जनपद को पत्र लिखा।
>> 25 अप्रैल 07 को जिपं ने जपं को मूल आवेदन दिया है।