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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur कोरबा. जेबीसीसीआई की कोलकाता में आहूत बैठक में आठवां वेतन समझौता पर चर्चा हुई, यह तय किया गया कि समझौता लागू होने तक 15 प्रतिशत राशि 30 जून 2006 के बेसिक का अंतरिम राहत के रुप में भुगतान किया जाएगा।
एटक नेता दीपेश मिश्रा ने कोलकाता से दूरभाष पर जानकारी दी है कि लोडर के पद पर कार्यरत कर्मचारियों की बेसिक की गणना ग्रुपवेजेस कर्मचारियों की भांति की जाएगी। अंतरिम राहत 30.6.2006 से जो कर्मचारी डच्यूटी पर हैं उनके लिए भी लागू माना जाएगा। खास बात यह है कि इस बार यह निर्णय हुआ है कि अप्रैल माह का वेतन जो मई में मिलेगा अंतरिम राहत राशि उसमें जुड़कर मिलेगा साथ ही पेमेंट शीट में एरियर्स भी शो किया जाएगा कि कितनी राशि बतौर एरियर्स कर्मचारियों को मिलेगी।
एरियर्स का भुगतान एक जुलाई 06 से 31 मार्च 08 तक की अवधि का भुगतान किया जाएगा, जो दो किस्तों में देय होगा। पहली किस्त दुर्गा पूजा के पहले एवं द्वितीय किस्त 31 जनवरी 09 के पूर्व भुगतान करने पर सहमति बनी है। अंतरिम राहत राशि सभी में जुड़ेगी और कटौती वाले सभी मामलों में लागू मानी जाएगी अर्थात सीएमपीएफ में अंतरिम राहत की राशि जोड़कर कर्मचारी के खाते में उसे जमा किया जाएगा। इसका एक बड़ा लाभ यह होगा कि प्रबंधन द्वारा भी उतनी राशि खाते में जमा करनी होगी, वरन मूल वेतन से राशि की कटौती की जाती है। अंतरिम राहत की राशि नहीं जुड़ने में राशि में बढ़ोत्तरी नहीं हो पाएगी। श्रमिक संगठनों द्वारा इस पर खास ध्यान दिया गया है। जब आठवां वेतन समझौता लागू होगा तब समस्त राशि का समायोजन आवश्यकतानुसार कर दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 1.7.2006 से आठवां वेतन समझौते की अवधि प्रारंभ हो गई है।
सातवां वेतन समझौता लागू होने में लेटलतीफी हुई परिणाम स्वरूप आठवें की गिनती शुरू हो गई है। वहीं वेतन समझौता होने में देरी की संभावना को देखते हुए अंतरिम राहत की घोषणा की गई है ताकि कर्मचारियों को कुछ राहत मिल जाए। सीटू के उप महासचिव व्हीएम मनोहर ने जानकारी दी है कि सेवानिवृत्ति उपरांत मेडिकल सुविधा पर लंबी बहस उपरांत कोई निर्णय नहीं हो पाया, अंतरिम राहत को लेकर 25 प्रतिशत की मांग की गई, लेकिन प्रबंधन 15 प्रतिशत पर ही राजी हुआ।
बीएमएस के मीडिया प्रभारी संजय शर्मा ने बताया कि जेबीसीसीआई की बैठक में बीएमएस से सुरेंद्र पांडेय शामिल हुए थे। उनके द्वारा टीए भुगतान की विसंगतियां, आश्रितों को मानिटरी क्षतिपूर्ति राशि बढ़ाने अधिकारियों प्रदत्त मेडिकल अटेंडेंस रुल सुधार करते हुए सुविधाएं प्रदान करने का मुद्दा उठाया गया। सेवा काल से चार पदोन्नति एवं आईआई-32 की खामियों को दूर करने पर विस्तार से चर्चा की गई। इन मुद्दों पर तीन मई से 9 मई के मध्य होने वाली स्टैंडराइजेशन बैठक में चर्चा की जाएगी।