सिरोही. संगीन अपराधों में सजायाफ्ता बंदियों के मन गो सेवा से बदलने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए राच्य गो सेवा आयोग जालोर की एक खुली जेल को मॉडल बनाने जा रहा है।
स्थानीय निजी छात्रावास में पत्रकारों से बातचीत में राजस्थान गो सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राजपुरोहित ने बताया कि राच्य सरकार और आयोग दोनों प्रदेश को गो राच्य बनाने की तैयारी कर रहे है। जिसके लिए बाकायदा गो वंश उत्पादों पर अनुसंधान कर असाध्य रोगों के लिए पंचगव्य से बीमारी पर काबू पाने की तैयारियां की जा रही है। इसके साथ ही जेलों में अपने द्वारा कारित अपराधों की सजा काट रहे बंदियों की मनोवृति बदलने के लिए गाय को सशक्त माध्यम बताते हुए उन्होंनें जालौर जिले के केशवना जेल को मॉडल बना इसे समूचे प्रदेश में लागू करने की तैयारी की जा रही है।
राजपुरोहित ने बताया कि गाय में ममत्व होता है और अपराधी जब सजा काट दुबारा समाज में जाता है समाज में उसके लिए घृणा की दृष्टि उसे दुबारा अपराध के लिए प्रेरित करती है, लेकिन गाय की सेवा से उसकी मनोवृति बदलेगी और वह अपने पापों के प्रायश्चित के साथ समाज की मुख्यधारा से भी जुड़ सकेगा।
गो तस्करी पर अंकुश के लिए विशेष टास्क फोर्स : प्रदेश के सीमावर्ती सिरोही जिले से आए दिन तस्करी कर ले जाए जा रहे गो वंश को गंभीर मानते हुए गो सेवा आयोग ने पडौसी राच्यों की सरकारों और निजी संगठनों से बात कर विशेष टास्क फोर्स का गठन करने की तैयारी की है।
आयोग के मुताबिक यदि प्रदेश की सरहद पार कर गो वंश दूसरे राच्य में भी चला जाए तो उसके जाने की स्थिति, जगह और ढील का कारण सहित पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी। आयोग ने पूरे देश में पहली बार गो वंश तस्करी के लिए केस ऑफिसर स्कीम भी तैयार की है जिसमें पुलिस के संबंधित अधिकारियों की पूर्ण जवाबदेही होगी।
निशाने पर है फर्जी गोशालाएं
सिरोही। राच्य गो सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेंद्रसिंह ने बताया कि प्रदेश मे फर्जी गो शालाओं पर लगाम कसने के लिए समीक्षा करवाई जा रही है। आम तौर पर कई जगहों से शिकायतें है कि गो सेवा का कार्य नहीं होता और भूमि गो सेवा के नाम सरकारी खाते में बोल रही है। ऐसी भूमि पर फर्जी लोगों से मुक्त करवा गौचर भूमि में कन्वर्ट करवाने के प्रयास किए जा रहे है।