बीकानेर. अदालत के सामने झूठ की बुनियाद पर अंतरिम राहत लेने के मामले की हकीकत उजागर होने पर राजस्थान हाईकोर्ट ने गंभीर रुख दिखाते हुए याचिकाकर्ता पर 28, 800 रुपए का जुर्माना लगाते हुए याचिका खारिज कर दी है। याची से अब ब्याज सहित वसूली की जाएगी।
न्यायाधीश गोविंद माथुर ने यह महत्वपूर्ण फैसला बीकानेर निवासी भागीरथ की याचिका पर दिया है। याची की ओर से अधिवक्ता वरुण गोयल ने कलेक्टर (स्टांप) बीकानेर के 30 अक्टूबर 2003 के आदेश में 1 लाख 44 हजार की स्टांप ड्यूटी की कमीपूर्ति को चुनौती दी थी। यह याचिका 13 अगस्त 2007 को हाईकोर्ट में पेश की गई, जिसमें कहा गया कि कलेक्टर (स्टांप) बीकानेर के वसूली आदेश की सूचना याची को नहीं मिलने के कारण यह याचिका देरी से पेश की गई। इसकी जानकारी याची को डिप्टी रजिस्ट्रार स्टांप, बज्जू के नोटिस के बाद मिली। यह नोटिस उन्हें 18 जुलाई 2007 को मिला और उन्होंने 20 जुलाई 2007 को कलेक्टर (स्टांप) के फैसले की प्रतिलिपि हासिल की।
याचिका में कहा गया कि इसी प्रकार सत्यम प्रोपर्टीज की ओर से दायर मामले में हाईकोर्ट ने वसूली कार्रवाई पर रोक लगाई थी। इस आदेश के खिलाफ याची ने टैक्स बोर्ड में रिवीजन के अधिकार का इस्तेमाल नहीं किया, क्योंकि ऐसा करने पर वसूली योग्य राशि की 50 प्रतिशत अग्रिम अदायगी जरूरी थी। याची की दलीलों पर हाईकोर्ट ने याची को अंतरिम राहत देते हुए वसूली कार्रवाई पर रोक लगा दी। राज्य सरकार ने इस मामले में नोटिस मिलने पर जब अदालत के सम्मुख वस्तुस्थिति रखी तो नए तथ्य सामने आ गए।
सरकार ने कहा कि याची ने तय मियाद के भीतर ही 2004 में टैक्स बोर्ड में अपील कर दी थी, जो 26 अप्रैल 2006 को खारिज हो गई थी। यह तथ्य छिपाकर याची ने हाईकोर्ट से अंतरिम राहत ली है। जबकि वह स्टांप एक्ट के तहत सक्षम अपीलय अधिकरण में रिवीजन दायर कर चुका था और इस मामले में उसे राहत नहीं मिली थी। याची ने झूठे तथ्यों के आधार पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
सरकार के जवाब में पोल खुलने पर याची ने याचिका वापस लेने की अनुमति चाही, जिसका राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता रामेश्वर दवे ने एतराज किया। इस एतराज को मानते हुए हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ऐसा व्यक्ति राहत पाने का अधिकारी नहीं है। याची का यह व्यवहार भत्र्सना योग्य है। इसे देखते हुए हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए याची पर 28 हजार 800 रुपए का जुर्माना लगाया है। साथ ही कलेक्टर (स्टांप) बीकानेर को निर्देश दिए हैं कि वे बकाया स्टांप ड्यूटी की नियमानुसार वसूली सुनिश्चित करें।
कलेक्टर (स्टांप) मोहनलाल नेहरा ने बताया कि भागीरथ के विरुद्ध विभागीय फैसले की तिथि से 18 प्रतिशत ब्याज सहित स्टांप ड््यूटी वसूल की जाएगी। रकम जमा नहीं करवाने पर उसकी संपत्ति को कुर्क कर नीलाम किया जाएगा।