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हेल्पलाइन को हेल्प की दरकार

कोटा. helpमॉनिटरिंग के अभाव में हेल्पलाइन सेंटर जनहितकारी नहीं बन पा रहे हैं। बाबुओं व अफसरों पर निर्भर है कि प्रमाण पत्रों को बनने में कितना वक्त लगेगा। ऐसे में प्रमाण पत्र के लिए विवाहित जोड़ों को हेल्प लाइन सेंटरों की घंटों तक धूल खानी पड़ रही है।

कोटा नगर निगम ने जिस मकसद से हेल्पलाइन सेंटरों की शुरुआत की थी, वह पूरा करते नजर नहीं आ रहे हैं। इन सेंटरों में विभिन्न प्रमाण पत्र बनाए अवश्य जा रहे हैं, लेकिन इनकी अवधि निर्धारित नहीं है।

शिकायतें दर्ज हो रही हैं, लेकिन उनकी भी मॉनिटरिंग करने वाला कोई नहीं है। बुधवार को ’भास्कर’ की टीम ने जब इन हेल्पलाइन सेंटरों को खंगाला तो पता चला कि इन दिनों विवाह प्रमाण पत्र बनवाने वालों का तांता लगा हुआ है। नवविवाहित जोड़े अपनी शादी का प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए इन केन्द्रों के चक्कर काट रहे हैें। उन्हें कोई संतोषजनक जवाब देने वाला भी कोई नहीं है।

हालांकि दिखने में यह साफ सुथरे हैं, लेकिन कहीं-कहीं व्यवस्था में कालिख पोतने के लिए दलाल भी घूमते दिखाई पड़े। श्रीनाथपुरम, व विज्ञान नगर के सेंटरों में अधिक रश नहीं था, लेकिन यहां भी निगम के बाबुओं का कहना था कि सभी दस्तावेजों को जमा कराने के बाद प्रमाण पत्र जारी करने में कम से कम चार दिन तो लग ही जाएंगे।

अभी जोर विवाह प्रमाण पत्रों का
बीएड एवं बीएसटीसी के लिए आवेदन करने वाले विवाहित युवक-युवतियों को विवाह प्रमाण पत्र बनवाना आवश्यक है। इन दोनों कोर्स के लिए आवेदन मांगे गए हैं।

शिकायतों का क्या हुआ
हेल्पलाइन सेंटरों पर आने वाली शिकायतों की मॉनिटरिंग का हाल यह है कि 1 जनवरी से लेकर अभी तक दशहरा मैदान स्थित सेंटर में सफाई के संबंध में 93, अतिक्रमण की 12 व विद्युत, उद्यान तथा निर्माण के संबंध में एक-एक शिकायत प्राप्त हुई, लेकिन केंद्र के हेल्पलाइन प्रभारी नहीं बता सके कि शिकायतों के समाधान के लिए नगर निगम की ओर से क्या कार्रवाई हुई।

कहां कहां हेल्पलाइन सेंटर
शहर में भीमगंजमंडी, उम्मेदसिंह स्टेडियम, जेके लॉन अस्पताल, रामपुरा जोन, विज्ञान नगर, अनंतपुरा, श्रीरामनगर व कुन्हाड़ी में हेल्पलाइन सेंटर हैं।

बदले जाएंगे प्रभारी : मेयर

>> हेल्प लाइन सेंटरों की बुरी हालत है?
व्यवस्था को ठीक किया जाएगा। इसके प्रभारी को बदला जाएगा।
>> कौन होंगे नए प्रभारी
सहायक अभियंता प्रेमप्रकाश को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, लेकिन उनके पास अभी गैराज की भी जिम्मेदारी है। कुछ दिन बाद व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा।
>> तीन-चार दिन लग रहे हैं विवाह प्रमाण पत्र को बनवाने में
आश्चर्य की बात है, इतना समय नहीं लगना चाहिए। दस्तावेजों को देखकर प्रमाण पत्र जारी कर देना चाहिए।
>>आप क्या कमी मानते हैं?
हेल्प लाइन सेंटरों की मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही है। इसकी सख्त मॉनिटरिंग की आवश्कयता है।





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