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‘सौ दिन रोजगार से नहीं मिटेगी बेरोजगारी’

अजमेर. तेरापंथ जैन समाज के दसवें आचार्य महाप्रज्ञ का कहना है कि सौ दिन के रोजगार से बेरोजगारी नहीं मिटेगी। राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना बेरोजगारी का स्थायी समाधान नहीं है। रोजगार देने के साथ-साथ सरकार बेरोजगारों को ऐसे प्रशिक्षण भी दे, ताकि बेरोजगार आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी और भुखमरी देश की ऐसी समस्याएं हैं, जो अपराध का मूल कारण बनती हैं।

‘स्वाध्याय से लक्ष्य की प्राप्ति’
सौ दिन सरकार रोजगार दे देगी,लेकिन सौ दिन के बाद बेरोजगार कहां जाएंगे? इस लिए बेरोजगारों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर लगाए जाने चाहिए। आचार्य ने बताया कि देश में 250 से अधिक अहिंसा प्रशिक्षण केंद्र संचालित हैं। तेरापंथ जैन समाज में ‘जीवन विज्ञान’ नया कोर्स शुरू किया गया है। इसके जरिये बच्चों को अहिंसा के संस्कारों से जोड़ा जाएगा।

भ्रूण हत्या रोकने पर जोर
पत्रकार वार्ता में मौजूद युवाचार्य महाश्रमण ने कहा कि भ्रूण हत्या देश की सबसे बड़ी समस्या है। जीव को जन्म लेने से पहले मार देना घोर अपराध है। इसके लिए तेरापंथ महिला मंडल ने जनजागृति अभियान चलाया है। इसमें भ्रूण हत्याओं को रोकने पर जोर दिया जा रहा है।

हिंसा रोकने के लिए संकल्प लें
घरेलू हिंसा रोकने के लिए समाज को संकल्प लेना चाहिए। स्थिति यह है कि आदमी अपने घर में ही खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करता। घर के सदस्य अपने लोगों की ही हत्या कर देते हें। यहां तक कि अब तो माता-पिता भी बच्चे को स्कूल भेजने में डरते हैं।

गरीब और अमीर का भेद मिटे
देश से गरीब और अमीर का भेद मिटना चाहिए। जो गरीब हैं, और गरीब होते जा रहे हैं वहीं जो अमीर है,अमीर होते जा रहे हैं। उन्होंने इस बात पर अफसोस जाहिर किया कि करोड़ों लोग इतना भोजन झूठा छोड़ देते हैं कि उससे लाखों लोगों को भोजन मिल सकता है।

जारी है अहिंसा यात्रा
उन्होंने बताया कि आचार्य महाप्रज्ञ द्वारा शुरू की गई अहिंसा यात्रा जारी है। 5 सितंबर 2001 में चूरू जिले के सुजानगढ़ से शुरू हुई यात्रा गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा, कर्नाटक समेत कई राज्यों में घूम चुकी है। इस दौरान हजारों कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।





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