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विवादों में मंदिर का गेट

अजमेर. केसरगंज ईदगाह सब्जी मंडी परिसर में बुधवार को मंदिर का चैनल गेट हटाने गए दरगाह कमेटी के कर्मचारियों को दुकानदारों व क्षेत्रीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। मामला धार्मिक स्थल से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने भी तत्परता दिखाई और समझाइश से मामला शांत कराया। पुलिस के समझाने पर दरगाह कमेटी के कर्मचारी और अदालत के नाजिर बगैर कार्रवाई लौट गए।

ईदगाह परिसर स्थित दरबार साहिब मंदिर के पास बनी दीवार और चैनल गेट हटाने के कोर्ट के आदेश पर दरगाह कमेटी कर्मचारी व अदालत के नाजिर सत्यनारायण पारीक मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर वहां दुकानदार जमा हो गए और विरोध करने लगे। इस बीच में चालीस-पचास लोग और आ गए। मामला बिगड़ता देखा पुलिस ने वहां से नाजिर और दरगाह कमेटी के कर्मचारियों को लौटा दिया। क्लॉक टावर थाना प्रभारी चंद्रसिंह रावत ने वहां जमा भीड़ को समझाकर शांत कराया।

हिंदू महासभा ज्ञापन देगी
हिंदू महासभा के मुकुल मिश्रा ने फोन पर बताया कि शाम को मंदिर समिति और पुलिस प्रशासन में बात हो गई। प्रशासन 19 अप्रैल तक कोई कार्रवाई नहीं केरगा। गुरुवार को हिंदू महासभा के कार्यकर्ता संभागीय आयुक्त, कलेक्टर और दरगाह नाजिम को ज्ञापन देकर मंदिर के चैनल गेट से कोई छेड़छाड़ नहीं करने की मांग रखेंगे।

दुकानें खाली करने को तैयार
जमीन दरगाह कमेटी की है। सभी दुकानदार लगभग पचास साल से किराए पर हैं। मंदिर भी लगभग इतना पुराना है, जिसका किराया भी दरगाह कमेटी को जाता है। कोर्ट के आदेश से कई दुकानें खाली कर दी गई हैं। दर्जनभर दुकानें खाली करने के आदेश कोर्ट ने दिए हैं, जो निधार्रित तिथि पर दुकानदार खाली करने को तैयार हैं। दुकानदार किसी भी प्रकार के विवाद से दूर रहना चाहते हैं।
-सुंदर पंजाबी, मंडी कर्मचारी

नहीं करने देंगे छेड़छाड़
ईदगाह परिसर में बने मंदिर से कई लोगों कि आस्था जुड़ी है। उसका चैनल गेट तोड़ने से लोगों की आस्था को ठेस पहुंचेगी। मंदिर से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करने देंगे।
-मुकुल मिश्रा, हिंदू महासभा

कमेटी के पक्ष में फैसला
कमेटी ने 2005 में फ्रूट मंडी एसोसिएशन को एक कमरा किराए पर दिया था। उन्होंने उस पर चैनल गेट लगाकर चबूतरा बना लिया। तीन माह पहले कोर्ट ने कमेटी के पक्ष में फैसला दिया। दुकानदार और इलाके के लोग कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। इससे पहले दो अप्रैल को भी विरोध के चलते कोर्ट के नाजिर, दरगाह कमेटी के कर्मचारी और पुलिस को वापस लौटना पड़ा था।
-अहमद रजा, नाजिम, दरगाह कमेटी





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