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अब पुलिस और एसीबी में ठनी

अजमेर. मौलासर (नागौर) के थानेदार के रिश्वत प्रकरण पर पुलिस और एंटी करप्शन ब्यूरो के अफसरों में ठन गई है। दोनों विभाग अपनी कार्रवाई को सही ठहरा रहे हैं। एसीबी ने जहां आरोपी थानेदार को फरार कराने में सहयोगी पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी, वहीं पुलिस ने जवाबी हमला करते हुए फरार थानेदार के परिवार के कंधे पर रखकर एसीबी पर मुकदमे की बंदूक चलाई है। थानेदार को झूठे मामले में फंसाने की साजिश का आरोप लगाते हुए एसीबी दल के खिलाफ इस्तगासा दायर किया गया।

अदालती आदेश से अब ब्यूरो के दल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हालात ये हैं कि एसीबी दल थाने में पड़ताल कर रहा है, तो पुलिस दल एसीबी कार्यालय में। एक ही विभाग की दो इकाइयों में टांगखिंचाई के खेल से साख गिरने की आशंका राज्य सरकार ने भांप ली है, लिहाजा मामला सीआइडी क्राइम ब्रांच मुख्यालय को सौंप दिया गया है। मुख्यालय ने जांच अधिकारी डीएसपी विक्रम सिंह रावत से दोनों मामलों की फाइलें तलब कर ली हैं। आरोपी थानेदार घटना के बाद से फरार है। एसीबी उसकी तलाश कर रहा है।

क्या था मामला >>

17 फरवरी को मौलासर में हुए मारपीट के मामले में कुचामन पुलिस थाने में तैनात सिपाही लच्छाराम गावड़िया भी आरोपी है। मौलासर थाना प्रभारी सुभाषसिंह तंवर पर आरोप है कि उसने लच्छाराम को केस से बचाने के लिए पांच हजार रुपए मांगे। 25 मार्च को रिश्वत की राशि का लेन-देन होते एसीबी दल ने थानेदार तंवर को रंगेहाथों पकड़ लिया। उसके कब्जे से पांच-पांच सौ के दस नोट बरामद हुए। बाद में थाने के पुलिसकर्मियों ने ब्यूरो दल से धक्का-मुक्की कर थानेदार को हिरासत से फरार करवा दिया।

एसीबी एसपी रूपेन्द्र सिंह के निर्देश पर ब्यूरो निरीक्षक लोकेश त्रिपाठी ने मौलासर थाने में ही आरोपी को फरार कराने के आरोप में थाने के एएसआई मांगीलाल, हैड कांस्टेबल नत्थूलाल, कॉस्टेबल जगदीश, शैतान सिंह, छोटूराम, ओमप्रकाश, रणीयाराम व श्याम लाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

जवाबी मुकदमा
आरोपी थानेदार सुभाष सिंह तंवर के भाई ने अदालत में इस्तगासा पेश कर एसीबी दल के प्रभारी सीआई लोकेश त्रिपाठी सहित ब्यूरो के अन्य कर्मचारियों पर साजिश रचने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ब्यूरो सुभाषसिंह को झूठे मामले में फंसा रहा है। अदालती आदेश पर एसीबी दल के खिलाफ मौलासर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।

घूसखोरी के आरोपी थानेदार सुभाष सिंह की तलाश की जा रही है। एसीबी दल के खिलाफ मुकदमा न्यायालय के आदेश से दर्ज हुआ है। जांच में वास्तविकता सामने आ जाएगी। एसीबी की कार्रवाई पर अंगुली उठाने की परम्परा ठीक नहीं है।
-सरदार रूपेन्द्र सिंह, एसपी (एसीबी)

आरोपी थानेदार को फरार कराने के आरोपी पुलिसकर्मियों और झूठी कार्रवाई के आरोपी एसीबी दल के खिलाफ मुकदमों की जांच की जा रही थी। इस बीच मुख्यालय ने फाइल तलब कर सीआइडी सीबी को सौंप दी। मामले की जड़ बने सिपाही लच्छाराम के मारपीट प्रकरण की फाइल भी मुख्यालय भेज दी गई हैं। मुख्यालय के आदेश से ही कार्रवाई होगी। सही-गलत का फैसला तफ्तीश से हो जाएगा।
-विक्रम सिंह रावत, डीएसपी, जांच अधिकारी





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