अजमेर.
अपराधियों में भय और आमजन में विश्वास की शपथ लेकर चलने वाली पुलिस पर ज्यादती का एक और आरोप सामने आया है। वाक्या आदर्शनगर थाना क्षेत्र का है। एक युवक ने पुलिसकर्मियों पर बेवजह डंडे बरसाने और बेहोश हो जाने के बावजूद जरूरी उपचार उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया है।
फारकिया गांव निवासी नंगा रावत (30) पुत्र मल्ला रावत को जख्मी हालत में बुधवार सुबह उसके परिजन जेएलएन अस्पताल लाए। नंगा के पैर में फ्रैक्चर है। उसने बताया कि वह मंगलवार रात पालरा निवासी रिश्तेदार के घर रुका था। बुधवार सुबह मोटरसाइकिल पर अपने गांव जा रहा था। बड़लिया के निकट मोड़ पर खड़े चार पुलिसकर्मियों ने उसका पीछा किया। वह मोटरसाइकिल से संतुलन खो बैठा और गिर गया।
पुलिसकर्मियों ने उस पर ताबड़तोड़ डंडे बरसा दिए। जख्मी हालत में उसे जीप में डालकर आदर्शनगर चौकी लाया गया, जहां वह बेहोश हो गया। पुलिसकर्मियों ने चौकी के पास स्थित प्राइवेट अस्पताल से नर्स को बुलाकर उसकी मरहम पट्टी करवाई, लेकिन घरवालों से बातचीत नहीं करने दी। करीब एक घंटे बाद उसके रिश्तेदार बागोलाई गांव निवासी नानू रावत को फोन पर सूचना दी गई।
अस्पताल ले जाने से रोका
नानू ने बताया कि जब वह आदर्शनगर चौकी पहुंचा, तो नंगा रावत जख्मी हालत में कराह रहा था। पुलिसकर्मियों से उसने नंगा को जेएलएन अस्पताल पहुंचाने को कहा, तो पुलिसकर्मियों ने डांटते हुए कहा कि सीधे घर ले जा, मगर वह उसे अस्पताल ले आया। पीछे-पीछे चौकी के कर्मचारी भी वहां पहुंच गए और डॉक्टर से कुछ बातचीत की। इसके बाद डॉक्टर ने नंगा को भर्ती करने से इनकार कर दिया। बाद में जन विकास परिषद के अध्यक्ष बाबूलाल तेली और अन्य लोगों के दखल से नंगा को आर्थोपेडिक वार्ड में भर्ती किया गया। नानू ने बताया कि मामले में एसपी से शिकायत की गई है।
नंगा रावत नाकाबंदी की अनदेखी कर बाइक दौड़कर लेकर जा रहा था। रोकने की कोशिश की, मगर वह गिर कर घायल हो गया। उसकी बाइक पुलिस जीप से टकराई, जिससे जीप का इंडीकेटर भी टूट गया। उसके पैर में चोट आई थी। उसका उपचार कराया गया। उसके खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। उसे परिजन के साथ भेज दिया गया। मारपीट का आरोप गलत है।
-धर्मवीर जानू, आदर्शनगर थाना प्रभारी