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Shekhawati Shekhawati दांतारामगढ़. महाराष्ट्र के कोल्हापुर से मुस्लिम युवती को ब्याह कर लाने वाला कालू जब उस्मान बनकर अपने गांव चैनपुरा आया तो गांव वालों को धर्म परिवर्तन कर ब्याह रचाना नागवार गुजरा और पांच गांवों की पंचायत बैठाकर कालू व उसके परिवार वालों को समाज से बहिष्कृत कर दिया गया। यहां तक कि गांव के कुछ लोगों ने कालू व उसके परिवार के साथ मारपीट तक कर डाली, जिसकी पुलिस थाने में रिपोर्ट भी दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार बन्नाराम बुरड़क का मझला पुत्र कोल्हापुर-महाराष्ट्र में वर्षो से कार्य कर रहा था। वहां पास में ही रहने वाली जिलेखा नामक युवती से उसे प्रेम हो गया और दोनों शादी के लिए राजी हो गए। अपने प्यार को पाने के लिए कालू धर्म परिवर्तन करने तक को राजी हो गया। कालू ने अपना नाम उस्मान रख लिया।
समाज में धर्म परिवर्तन की पूरी परीक्षा ली गई और उसके बाद जिलेखा ने कालू से शादी रचा ली। कालू अपनी पत्नी जिलेखा के साथ चैनपुरा गांव आया तो गांव वालों को उसके धर्म परिवर्तन की बात पता चली। गांव वालों ने इसका विरोध किया तथा कालू को घर से निकालने के लिए परिजनों पर दबाव बनाया। यहां तक कि दो अप्रैल को ही कुछ लोगाें ने इसी मामले को लेकर उनके साथ मारपीट की। इसकी दो अप्रैल को ही पुलिस थाने में रिपोर्ट दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद पांच गांव सामोता की ढाणी, रामजीपुरा, चैनपुरा, श्यामपुरा व अन्य ढाणियों के लोगों की पंचायत चैनपुरा के बालिका विद्यालय में बुलाई गई, जिसमें सभी वर्गो के सैकड़ों लोग शामिल हुए। पूरे दिन चली पंचायत में कालू व उसके परिवार के लोगों को भी सुना गया। कालू ने पंचायत को बताया कि उसने मुस्लिम धर्म ग्रहण कर जिलेखा से शादी की है तथा वह जिलेखा के साथ ही रहना चाहता है।
पंचायत ने उस्मान व जिलेखा को तुरंत गांव छोड़ने का फरमान सुनाया। परिजनों ने इसका विरोध किया तथा एक दो दिन में घर से भेज देने की बात कही। पंचायत के लोगों ने परिवार के लोगों से कहा कि यदि इसी समय इसे त्याग दो तो ठीक है, वरना तुम्हारा भी समाज से बहिष्कार कर दिया जाएगा। इसके बाद पंचायत ने बहिष्कार करने का फरमान जारी कर दिया।
फरमान के अनुसार कोई भी व्यक्ति बन्नराम के घर का पानी तक नहीं पीएगा व न ही कोई उससे संपर्क रखेगा और न ही किसी प्रकार की मदद करेगा। इसके बाद सात अप्रैल को कालू उर्फ उस्मान अपनी पत्नी जिलेखा के साथ महाराष्ट्र चला गया। बन्नाराम के तीन पुत्र हैं, जिनमें बड़ा रिछपाल, मझला कालू व छोटा सीताराम है। इन तीनों की ही शादी नहीं हुई थी। महाराष्ट्र रहते हुए कालू ने धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम लड़की से शादी कर ली।
गांव में तनाव का माहौल
धर्म परिवर्तन को लेकर गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। हालांकि खुले तौर पर कोई भी सामने आने को तैयार नहीं है। गांव के चौक में कुछ बुजुर्ग बैठे थे, जिनसे बातचीत की गई तो फूलचंद, धूड़ाराम व प्रहलाद ने बताया कि धर्म परिवर्तन करना तो गलत ही है। इसका विरोध किया जाना चाहिए। कुछ लोगों का कहना था कि बेटे ने गलती की है तो मां-बाप का सजा क्यों।