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महान और साधारण का मूलभूत अंतर

लीडरशिप मंत्रजरा इन महान लोगों पर एक नजर डालें, गांधी जी दुनिया के महान लोगों में से एक। प्रभावशाली वक्ता, महान प्रेरक, अहिंसा के पुजारी, ‘सादा जीवन उच्च विचार’ सिद्धांत में यकीन करने वाले, 30 करोड़ की आबादी को आजादी के संघर्ष में भाग लेने को प्रेरित करने वाले।

सिकंदर दुनिया के चंद महान शासकों में से एक, बेहद महात्वाकांक्षी, दुनिया जीतने की ललक, निष्ठुर, महान रणनीतिकार।हैनरी फोर्ड महान दृष्टा, आधुनिक कारों के जनक, दृढ़ विश्वासी, अपने कथनी पर अडिग रहने वाले।

थॉमस एल्वा एडिसन विश्व की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक जीई के संस्थापक, बल्ब समेत रोजमर्रा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण वस्तुओं के आविष्कारक, कभी हार न मानने की प्रवृत्ति और अमेरिका में सर्वाधिक पेटेंट अधिकार हासिल करने वाले।

इन महान लोगों के व्यक्तित्व पर निगाह डालने से पता चलता है कि ये सभी दूरदृष्टि संपन्न, प्रभावी वक्ता और महान प्रेरक थे। क्या इन्हीं गुणों के बलबूते ये अति विशिष्ट लोगों की कतार में जा खड़े हुए? क्या इन्हीं गुणों की बदौलत दूसरे असंख्य लोगों के जीवन का कायाकल्प कर सके? इनका जवाब न में है।

ये सभी लोग शुरुआती जीवन में साधारण शख्स थे, जिन्होंने जीवन के किसी न किसी मोड़ पर पहुंच दूसरों का नेतृत्व करने की ठानी। सबसे महत्वपूर्ण बात जो इन्हें महान बनाती है, वह यह कि इन सभी को अपने पर पूरा विश्वास था। इन्हें भलीभांति मालूम था कि वे जो चाह रहे हैं उसे कैसे हासिल कर सकते हैं। उनमें और हममें सबसे बड़ा और मूलभूत अंतर यही है कि उन्होंने निर्णायक क्षण को पहचान, उसके मुताबिक निर्णय किया। यही सच्चे लीडर की पहचान है।

-लेखक नेतृत्व प्रशिक्षण संस्था लीडकैप के संस्थापक हैं।





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