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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior शिवपुरीशहर में टैंकरों से पानी वितरण के कार्य में गड़बड़ी सामने आने पर कलेक्टर मनीष श्रीवास्तव ने नपा के सीएमओ एनके गुप्ता से जवाब तलब करते हुए पेयजल परिवहर्न की साप्ताहिक समीक्षा करने के साथ ही वार्ड स्तर पर आम नागरिकों को शामिल कर निगरानी समिति बनाने के आदेश दिए हैं।
गौरतलब है कि दैनिक ‘भास्कर’ ने मंगलवार को पेज क्रमांक 7 पर ‘आखिर कहां जा रहा है 600 टैंकर पानी’ शीर्षक से समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया है। इस समाचार को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर मनीष श्रीवास्तव ने आज नपा सीएमओ एनके गुप्ता से जवाब-तलब किया।
कलेक्टर ने शहर में रोजाना टैंकर वितरण की स्थिति जानी और निर्देश दिए कि पानी का वितरण संकटग्रस्त इलाकों में किया जाए। इसके लिए वार्ड स्तर पर आम नागरिक, नपा के उपयंत्री एवं पाषर्द की एक निगरानी समिति गठित की जाए। जो हर सप्ताह रिपोर्ट पेश करेगी।
कलेक्टर ने इस मामले पर एसडीएम चंद्रशेखर शुक्ला से कहा है कि वे सप्ताह में एक दिन किसी भी वार्ड में पहुंचकर गोपनीय तौर पर इस बात की जानकारी लें कि संकटग्रस्त इलाकों में लोगों को टैंकरों से पानी मिल रहा है अथवा नहीं।
कलेक्टर के पेयजल वितरण के कार्य को गंभीरता से लेने से नगरपालिका में खलबली मच गई है। सूत्रों का कहना है कि नपा का अमला अब यह सफाई देने में जुट गया है कि रोजाना 600 के बजाय ढाई सौ टैंकर पानी टैंकर वितरण किया जा रहा है।
एफआईआर के साथ अयोग्य घोषित होंगे पार्षद कलेक्टर मनीष श्रीवास्तव ने पेयजल के मसले पर गंभीरता दिखाते हुए चेतावनी दी है कि 15 अप्रैल के बाद यदि किसी वार्ड में पानी वितरण कार्य में भेदभाव किया गया अथवा पानी के सार्वजनिक टैंकर बेचने की शिकायत प्रमाणित हुई तो इस बार दोषियों के खिलाफ न केवल एफआईआर दर्ज की जाएगी। बल्कि यदि इसमें पार्षद जिम्मेदार हुए तो उनके खिलाफ अयोग्य ठहराने की कार्रवाई की जाएगी।