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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior शिवपुरी.केन्द्र सरकार के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा शिवपुरी के जिला अस्पताल में ग्वालियर के मानसिक आरोग्यशाला के अधीन े संचालित किए मानसिक स्वास्थ्य केन्द्र पर ताले पड़ गए हैं। राशि के अभाव में यहां पदस्थ स्टाफ को आरोग्यशाला वापस बुला लिया गया है। अब सप्ताह में एक बार मंगलवार को यहां मानसिक रोगियों को दवाएं बांटने के लिए चिकित्सक एवं स्टाफ ग्वालियर से आएगा। इस खबर से मानसिक रोगियों के समक्ष उपचार का संकट खड़ा हो गया है।
गौरतलब है कि शिवपुरी जिले के मानसिक रोगियों को उपचार मुहैया कराने के लिए वर्ष 2002 से मानसिक आरोग्यशाला ग्वालियर द्वारा जिला चिकित्सालय में एक स्वास्थ्य केन्द्र संचालित किया जा रहा था। परंतु राशि एवं स्टाफ के अभाव में आरोग्यशाला प्रबंधन ने मंगलवार से इस केन्द्र को बंद करते हुए यहां पदस्थ स्टाफ को ग्वालियर बुला लिया है। इससे मानसिक रोगियों के समक्ष उपचार का संकट खड़ा हो गया है और वे सोच में पड़ गए हैं कि आखिर अब कौन उनका इलाज करेगा.?
खास बात यह है कि इस स्वास्थ्य केन्द्र से जिले के करीब पांच हजार मानसिक रोगी जुड़े हुए थे। अब नई व्यवस्था के तहत सप्ताह में केवल एक दिन मंगलवार को ग्वालियर से मानसिक रोगियों के लिए चिकित्सकों की टीम यहां आएंगी और उन्हें दवाएं बांटेंगी। इसके अलावा सप्ताह के छह दिन मानसिक रोगियों को भगवान के भरोसे रहना होगा।
जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डा. एसके कुमरा का कहना है कि यह स्वास्थ्य केन्द्र पांच साल तक चलाया जाना था। चूंकि इसके बाद पैसा मानसिक आरोग्यशाला को प्राप्त नहीं हुआ है, इसलिए इस केन्द्र से स्टाफ वापस बुला लिया गया है। डा. कुमरा के अनुसार अब सप्ताह में एक दिन मानसिक रोगियों के लिए निर्धारित किया गया है।
यशोधरा ने केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव को लिखा पत्र
बजट के अभाव में बंद किए गए मानसिक स्वास्थ्य केन्द्र को पुन: संचालित करने के लिए भाजपा नेत्री और ग्वालियर सांसद यशोधरा राजे संधिया, जो कि लोकसभा की स्वास्थ्य विभाग की स्टेडिंग कमेटी की सदस्य हैं, ने भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव नरेश दयाल को एक पत्र लिखा है।
इस पत्र में यशोधरा ने कहा है कि ग्वालियर स्थित मानसिक आरोग्यशाला को केन्द्र सरकार के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा चालू रखने के लिए बकाया बजट राशि 68.08 लाख रुपए प्राप्त नहीं हुए हैं। जबकि वर्ष 2006-07 तक का उपयोगिता प्रमाण पत्र भेजा जा चुका है। साथ ही उपयोग की गई राशि का आडिट भी हो चुका है।
पत्र में कहा गया है कि राशि के अभाव में आरोग्यशाला द्वारा शिवपुरी में संचालित मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम बंद होने के कगार पर है, इसलिए इस हेतु शेष राशि 68.08 लाख का भुगतान किया जाए। जिससे जिले में यह केन्द्र संचालित हो सके और मानसिक रोगियों को दर-दर की ठोकरें नहीं खानी पड़ेंगी। उम्मीद जताई जा रही है कि यशोधरा के इस पत्र पर जल्द ही मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिए राशि मिलेगी।