न्यूयॉर्क. अमेरिकी वैज्ञानिकों ने दर्द और थकान के बीच एक बायलॉजिकल रिश्ता खोज निकाला है। वैज्ञानिकों का दावा है कि यह खोज इस बात को समझाने में मददगार होगी कि क्यों पुरुषों से ज्यादा महिलाएं फाइब्रोमाइएल्जिया से पीड़ित होती हैं। फाइब्रोमाइएल्जिया में मांसपेशियों में भयानक दर्द होता है।
लोवा यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अपनी स्टडी में पाया है कि मांसपेशियों में दर्द से जुड़ा प्रोटीन ASIC3 पुरुष हॉर्मोन टेस्टोस्टेरॉन के साथ क्रिया करके इस दर्द से बचाव करता है। प्रमुख शोधकर्ता कैथलीन स्लूका का कहना है 'पुरुषों और महिलाओं में होनी वाली थकान का अंतर टेस्टोस्टेरॉन की मौजूदगी और ASIC3 चैनल के एक्टिवेट होने पर निर्भर है। इससे पता चलता है कि यह किसी न किसी तरह थकान से बचाता है। इससे हमें उस अंतर को भी समझने में मदद मिलती है जिसमें हम देखते हैं कि थकान की वजह से पुराना दर्द औरतों में क्यों ज्यादा होता है।'
दर्द और थकान में महिला या पुरुष होना क्या मायने रखता है यह जानने के लिए शोधकर्ताओं ने मांसपेशियों को थकाने वाली कसरत का एक एक्सपेरिमेंट नर और मादा चूहों पर किया। इसके नतीजे में देखा गया कि दोनों ग्रुप में थकान के स्तर काफी अलग-अलग थे।