नई दिल्ली.
सर्वोच्च न्यायलय ने आज महत्वपूर्ण फैसले में आरक्षण कानून को वैघ बताया है। पांच जजों की बेंच ने एकमत से ओबीसी वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण की मंजूरी दे दी है। फैसले में क्रीमी लेयर को आरक्षण परिधि से दूर रखने का निर्णय लिया गया है।
ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले सरकार को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने फैसले में समय-समय पर आरक्षण नीति की समीक्षा होने की बात कही है।
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कालेज चाहें तो इसी सत्र से आरक्षण को लागू कर सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अब सांसदों के बच्चों को भी आरक्षण नहीं मिलेगा। बीजेपी के प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से हम खुश हैं।
गौरतलब है कि 2007 में पिछड़े वर्ग को उच्च शिक्षा संस्थानों में 27 प्रतिशत आरक्षण देने के सरकारी फैसले पर सर्वोच्च न्यायलय ने रोक लगा दिया था। अदालत में दायर याचिका में कहा गया था कि देश के क्रिमी लेयर को आरक्षण नहीं मिलना चाहिए।