जयपुर. सरकार से छूट मिले बिना ही जनवरी में जेडीए की ओर से लगाए गए नियमन शिविरों में फंसे भूखंडधारियों को सरकार रजिस्ट्री शुल्क में विशेष छूट देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए नगरीय विकास विभाग ने वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजा है।
सरकार के इस प्रयास से करीब 300 उन भूखंडधारियों को राहत मिलेगी, जिन्होंने 7 से 23 जनवरी के बीच लगे शिविरों में नियमन राशि जमा कराकर भूखंडों के पट्टे लिए थे।
जेडीए ने वित्त विभाग से मुद्रांक शुल्क में छूट मिले बिना ही ये नियमन शिविर आयोजित किए थे, जबकि शिविरों में आने वाले भूखंडधारियों को यह कह कर पैसे जमा किए गए कि पट्टों की रजिस्ट्री के दौरान उनको शुल्क में छूट मिलेगी। इधर, वित्त विभाग की ओर से नियमन दर पर रजिस्ट्री कराने की छूट की अधिसूचना 8 फरवरी को जारी की गई और इसमें कहा गया कि यह छूट उन्हीं आवासीय योजनाओं में मिलेगी जिनका नियमन अधिसूचना जारी होने के बाद होगा।
जेडीए की गफलत के कारण उपजी समस्या का ‘भास्कर’ ने 14 मार्च के अंक में ‘जेडीए की गफलत पड़ी भूखंडधारियों पर भारी’ शीर्षक से खुलासा किया था। खबर प्रकाशित होने के बाद जेडीए ने मामला नगरीय विकास विभाग को भेजा। इसके बाद विभाग ने प्रभावित एक दर्जन कॉलोनियों के लोगों को मुद्रांक शुल्क में विशेष छूट देने का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा।
नगरीय विकास राज्यमंत्री सुरेंद्र गोयल ने बताया कि इस बारे में वित्त विभाग से मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद है। मंजूरी के बाद करीब 300 भूखंडधारियों को नियमन दर पर रजिस्ट्री कराने की छूट मिल जाएगी।