News
Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur रायगढ़.
मनोज कुमार गुप्ता ने सब इंस्पेक्टर बनकर परिवार का सपना सच कर दिया, वहीं आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए मिसाल भी कायम कर दी है। उसका लक्ष्य पीएससी परीक्षा पास करना है।
सब इंस्पेक्टर का रिजल्ट मंगलवार को देखने व जानने के लिए पूरा अभ्यर्थी उत्सुक था। सभी इंटरनेट व अपने-अपने परिचितों से रिजल्ट जानने के लिए रायपुर व बिलासपुर फोन घूमा रहे थे। लेकिन मनोज सिर्फ दूसरे दिन समाचार पत्र में रिजल्ट देखने का इंतजार कर रहा था, क्योंकि उसका कोई भी परिचित रिजल्ट बताने में सक्षम नहीं था। इसी दौरान देर रात अबरार हुसैन ने फोन से मनोज को पास होने की जानकारी दी और पूरे घर में खुशी का माहौल बन गया। दूसरे दिन परीक्षा परिणाम समाचार पत्र में देखा। मनोज ने बताया कि शरीरिक परीक्षा में अच्छे नंबर थे। इससे परीक्षा में पास होने की ज्यादा संभावना थी। उन्होंने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पहला लक्ष्य कमाई था, जिससे घर का खर्च आराम से चल सके। अब नौकरी के दौरान ही अन्य परीक्षाएं भी दूंगा।
चाय की दुकान से चल रहा था खर्च
मनोज कुमार गुप्ता मूलत: उत्तर प्रदेश के जिला फतेहपुर के रसूलाबाद के निवासी हैं। १५ वर्ष पहले मनोज के पिता गयादीन गुप्ता शहर के दरोगापारा में बस गए। वे यहां प्रधान डाकघर के सामने चाय का ठेला लगाकर अपने घर का पालन-पोषण करते हैं। दुकान में मनोज की माता श्रीमती रामदुलारी भी सहयोगी करती हैं। वे सुबह ५ बजे से दुकान खोल देते हैं। गयादीन ने बताया कि दिनभर में लगभग १क्क् रुपए की कमाई कर लेते हैं। इसी से पूरे घर का खर्च चलता है। लेकिन लड़के मनोज की नौकरी लग जाने से सारे सपने पूरे हो गए है। परिवार में माता-पिता व ३ बहनों में मनोज अकेला लड़का है। दो बहनों की शादी हो चुकी है।
पढ़ाई में भी मनोज अव्वल
मनोज शुरूआत से ही कक्षा में अव्वल आता रहा है। मनोज ने बताया कि पांचवी कक्षा तक पढ़ाई उत्तर प्रदेश में की। इसके बाद की पढ़ाई सरस्वती शिशु मंदिर में की। १२वीं में ६७ फीसदी व १क्वीं में प्रथम स्थान हासिल किया। बीएससी की पढ़ाई साइंस-कामर्स कालेज में की। इसमें ५७ फीसदी नंबर थे। उन्होंने बताया कि तीन साल से तैयारी कर रहा था। २क्क्५ में आपीएफ परीक्षा में इंटरव्यू तक पहुंच गए थे।
माता-पिता व गुरु का सराहा
मनोज अपनी सफलता का पूरा श्रेय माता-पिता को देते हैं। उनका कहना है कि पिता जी ने हमेशा पढ़ाई के लिए सहयोग किया। पढ़ाई के दौरान होने वाले खर्च के लिए कभी मना नहीं किया। इस मुकाम तक पहुंचना घर के लिए सपना है। मनोज ने बताया कि शायद भगवान की मर्जी भी सब इंस्पेक्टर बनाने की थी, तभी अबरार हुसैन व श्री भोई जैसे शिक्षक मिल गए। उन्होंने बताया कि मेंस की तैयारी अबरार सर ने कराई, लेकिन पूरी पढ़ाई में एक भी फीस नहीं ली। इसके अलावा फिजकल की तैयारी में भोई सर ने भी कभी कोई फीस नहीं लिया। इनके सहयोग के बिना इस ऊचांई तक पहुंचना संभव नहीं था।