उदयपुर. शहर के हिरणमगरी सेक्टर 14 के डी ब्लॉक में देवीलाल सालवी के सूने घर से चोर ढाई लाख रुपए नकद, 25 तोला सोना और दो किलो चांदी के जेवर ले उड़े। चोरी गए माल की कीमत साढ़े पांच लाख रुपए बताई गई है। ये रुपए देवीलाल ने अपने किडनी के इलाज के लिए बैंक से निकलवाए थे।
बताया गया कि देवीलाल अपनी मां लालीबाई के निधन के कारण 12 दिनों राणावतों की पुचोली (मावली) गांव में था। दो दिन पहले बड़ा बेटा यशवंत पत्नी के साथ गांव चला गया। छोटा बेटा जगदीश भी ताला लगाकर डबोक में बीएड का एग्जाम देकर गांव चला गया।
गुरुवार सुबह जब ये लोग घर लौटने की तैयारी कर रहे थे तभी उन्हें घर का ताला टूटे होने और आलमारियों से रुपए सहित जेवरात और अन्य सामान चोरी होने की सूचना मिली। चोर देवीलाल और पुत्र यशवंत के कमरों की वार्डरोब और जगदीश की आलमारी तोड़कर जेवरात और ढाई लाख रुपए नकद चुरा ले गए।
सूचना मिलने पर पुलिस व डॉग स्क्वायड भी मौके पर पहुंचा। कुछ देर इधर-उधर घूमने के बाद डॉग कॉलोनी के ही एक मकान पर जाकर रुक गया। यहां पर इस मकान मालिक के पुत्र ने कार्रवाई पर एतराज जताया। पुलिस अधिकारियों ने समझाकर कर शांत किया और बाद में पूछताछ के लिए उसे थाने पर ले गए। इस मामले में यशवंत की ओर से थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है।
इलाज के लिए जुटाया रुपया भी हो गया पार
चोरों ने देवीलाल के कमरे में उनके बेटे जगदीश की आलमारी में रखे ढाई लाख रुपए भी चुरा लिए। रुपए देवीलाल के किडनी ऑपरेशन के लिए बैंक से निकाले गए थे।
पुलिस के अनुसार चोरों ने फाटक से कूद कर घर में प्रवेश किया जिससे वहां का ताला सलामत लटका मिला। चोर मेन गेट का ताला तोड़कर मकान में घुसे और वारदात को अंजाम दिया। किचन में फ्रीज से बोतल निकालकर पानी पिया और छत के दरवाजे का भी ताला तोड़ गए।
पड़ोसियों की सजगता काम आई
देवीलाल के पड़ोस में रहने वाले गणपतसिंह की पत्नी ने मकान का दरवाजा खुला होने और फाटक पर ताला लटका देख कर घंटी बजाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। पड़ोस में रहने वाले सागरमल भी वहां पहुंचे। इस दौरान यशवंत के सास और ससुर भी गांव से रतलाम जाने से पहले वहां पहुंच गए। उन्होंने ताला टूटा देख यशवंत को सूचना दी और कुम्हारवाड़ा में रहने वाली यशवंत की बहन सुनीता को भी घटना के बारे में बताया। पुलिस के पहुंचने के बाद यशवंत और जगदीश भी वहां पहुंचे।