बीकानेर. नगर परिषद के बजट को पारित करवाने के प्रयासों के बीच शुरू हुई बयानबाजी ने शहर के विकास को फिर से हाशिये पर खड़ा कर दिया है। भाजपा नेताओं से बातचीत का क्रम कांग्रेस जारी रखे हुए है। इस प्रक्रिया में कांग्रेसी नेताओं ने विधायक देवीसिंह भाटी से भी अलग से बातचीत करने की कोशिश की है। हालांकि अभी तक परिणाम भविष्य के गर्भ में है लेकिन बजट के विषय पर दोनों ही राजनीतिक दल बिल्कुल भी झुकने के मूड में नहीं है।
भाजपा ने जहां सीधे तौर पर नगर परिषद सभापति मकसूद अहमद से इस्तीफा मांगते हुए अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है तो दूसरी ओर सभापति ने भी पुरानी बातों को याद दिलाकर भाजपा को तिलमिला दिया है।
भाजपा शहर अध्यक्ष नंदकिशोर सोलंकी ने कहा है कि विकास के मसले पर आज भी हम तैयार हैं लेकिन मनमाना बजट नहीं चलेगा। अगर कांग्रेस-बोर्ड सहयोग चाहता है तो धौंस देने से बाज आए। सारा शहर विकास के मायने जानता है और अब तो सारे शहर को यह पता चल गया है कि नगर परिषद का बजट पारित नहीं होने पर भी शहर में तेजी से विकास के कार्य चल रहे हैं। शहर का सौंदर्यीकरण हो रहा है तो दूसरी ओर नगर परिषद सार्वजनिक सफाई व्यवस्था को भी दुरुस्त करने में अक्षम है।
सोलंकी ने कहा है कि शहर के विकास के लिए कोई भी पीछे नहीं रहेगा लेकिन यह तय हो कि कांग्रेस का बोर्ड शहर का विकास करना चाहता है।
सभापति मकसूद अहमद ने इस विषय पर कहा है कि विकास के मसले पर हम बहस करने के लिए भी तैयार हैं लेकिन सारी बात सकारात्मक माहौल में हो, ऐसी उम्मीद करते हैं। हमने बातचीत की सारी संभावनाओं के द्वार खोल रखें हैं। अगर विपक्ष चाहे तो बजट पर टेबल-टॉक करके संशोधन भी प्रस्तावित कर सकता है लेकिन यह सारी स्थितियां बातचीत पर ही निर्भर कर रही है।
दबाव में काम हमें करना नहीं है और अगर हम पर अनुचित दबाव बनाया जाएगा तो उसे सहन भी नहीं करेंगे। हम आने वाले दो दिन में कांग्रेस पार्षद दल की बैठक करने वाले हैं और जल्दी ही साधारण सभा की तिथि भी घोषित कर दी जाएगी। हम नियमानुसार बजट को फिर से रखेंगे और पारित नहीं हुआ तो सरकार के पास भेज देंगे।