कोटा. प्रारंभिक शिक्षा आयुक्तालय ने आठवीं बोर्ड परीक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए राज्य स्तर पर बोर्ड गठन का प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए राज्य सरकार को भेजा है।
वर्तमान में आठवीं बोर्ड की परीक्षाएं जिला स्तर पर जिला शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान की ओर से कराई जा रही है। परीक्षा की गुणवत्ता को ओर बेहतर बनाने के लिए आयुक्तालय ने प्रारंभिक शिक्षा बोर्ड बनाने की योजना तैयार की है। प्रस्ताव में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की तर्ज पर बीकानेर में प्रारंभिक शिक्षा बोर्ड का गठन कर संविधान, परीक्षा, मूल्यांकन, शैक्षिक अनुभाग बनाए जाने के साथ पदों की रूपरेखा बनाकर भेजी गई है।
राज्य सरकार को बीकानेर में ही प्रारंभिक शिक्षा बोर्ड गठन किए जाने का प्रस्ताव मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेजा गया है। ’
—जेपी चंदेलिया, आयुक्त, प्रारंभिक शिक्षा आयुक्तालय
प्रारंभिक शिक्षा बोर्ड के गठन का प्रस्ताव विचाराधीन है। इसके गठन से कितना आर्थिक भार पड़ेगा। स्ट्रक्चर किस प्रकार का होगा। इन सभी का परीवीक्षण कर रहे है। इसके बाद ही इस प्रस्ताव पर निर्णय लिया जा सकेगा।’
—वासुदेव देवनानी, राज्य शिक्षा मंत्री
शिक्षा के ढांचे को सुधारने की महती जरूरत
-भंवर लाल शर्मा, पूर्व शिक्षा निदेशक (माध्यमिक)
बोर्ड गठन का विचार तभी उपयुक्त हो सकता हैं जब प्रारंभिक शिक्षा के ढांचे को सुधारने के लिए किए जा रहे कार्र्यो की उपेक्षा नहीं हो। प्रभावी निरीक्षण ही शिक्षा का विकास एवं शैक्षिक गुणवत्ता की जान है।
स्कूलों का जब तक प्रभावी निरीक्षण नहीं होगा सरकारी स्कूल प्रगति नहीं कर सकेंगे। प्रारंभिक शिक्षा में कार्यरत हर व्यक्ति का उत्तरदायित्व एवं लक्ष्य निर्धारण किया जाना चाहिए। श्रेष्ठ कार्य करने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों को पुरस्कृत और कार्य नहीं करने वाले को दंडित करने का प्रावधान होना चाहिए। जब तक शिक्षा के विकास के संकल्प के साथ कार्य नहीं किया जाएगा वर्तमान कार्र्यो के साथ-साथ बोर्ड का गठन भी प्रभावशाली नहीं होगा।