अजमेर. किशनगढ़ में हवाई जहाज के इंजन मरम्मत और पायलट ट्रेनिंग स्कूल खुलने का रास्ता खुल गया है। संभागीय आयुक्त ने मैसर्स हीरो मोटर्स कंपनी को 502 बीघा भूमि देने पर सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है। कंपनी 326 करोड़ रुपए का निवेश करेगी।
जिले में यह अब तक का सबसे बड़ा निवेश होगा। संभागीय आयुक्त दीपक उप्रेती ने उद्योग विभाग की अतिरिक्त आयुक्त श्रेया गुहा को पत्र लिख कर कहा है कि किशनगढ़ हवाई पट्टी के पास 502 बीघा सिवायचक भूमि खाली पड़ी है। उपखंड अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार कुछ भूमि पर काश्तकारों ने कब्जा कर रखा है। काश्तकार यहां खरीफ की फसल बोते हैं। इन अतिक्रमियों को भू-राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 91 के तहत कार्यवाही कर बेदखल किया जा सकता है।
कब्जा करने वाले काश्तकारों ने राजस्थान उच्च न्यायालय में जमीन के मालिकाना हक को लेकर याचिका दायर की थी। न्यायालय ने सरकार के पक्ष में निर्णय दिया है। इस पर अतिक्रमी काश्तकारों ने राजस्थान उच्च न्यायालय की डबल बैंच में आदेश के खिलाफ याचिका दायर की, लेकिन बैंच ने स्टे नहीं दिया। हीरो मोटर्स कंपनी को 502 बीघा भूमि दी जा सकती है।
पांच साल में होगा काम पूरा
उद्योग विभाग की अतिरिक्त आयुक्त श्रेया गुहा ने संभागीय आयुक्त को पत्र लिख कर जानकारी दी थी कि मैसर्स हीरो ग्रुप किशनगढ़ में बनी हवाई पट्टी के साथ आस-पास के क्षेत्र की 502 बीघा भूमि पर हवाई जहाज इंजन मरम्मत यूनिट और पायलट ट्रेनिंग सेंटर खोलना चाहता है। कंपनी 326 करोड़ रुपए का निवेश कर पांच साल में काम पूरा करेगी।
15 करोड़ की आय
जिला प्रशासन को हीरो मोटर्स कंपनी को भूमि उपलब्ध कराने पर 13 से 15 करोड़ रुपए की आय होगी। जमीन की सरकारी दर सड़क से 300 मीटर तक साढ़े तीन लाख रुपए और तीन मीटर के बाद ढाई लाख रुपए प्रति बीघा है।
सबसे बड़ा निवेश
सरकार कंपनी को जमीन उपलब्ध कराती है, तो यह जिले में अब तक का सबसे बड़ा निवेश होगा। कई लोगों को रोजगार मिलेगा।
पूर्व महाराजा का कब्जा
जमीन पर किशनगढ़ के पूर्व महाराजा ब्रजराज सिंह और उनके रिश्तेदारों ने कब्जा कर रखा है। चूंकि जमीन बेशकीमती है, इसलिए इस पर हक कायम रखने के लिए मामले को अदालत तक ले गए।