जालंधर.
यूपी सरकार ने मेरठ की खेल इंडस्ट्री को वैट मुक्त करने की घोषणा करके पंजाब की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री में हड़कंप मचा दिया। यूपी सरकार के इस फैसले के बाद वीरवार को पंजाब के खेल उद्योग जगत में खासी हलचल रही।
खेल उद्योग संघ, स्पोर्ट्स फोरम व एसोसिएशन ऑफ इंडियन स्पोर्ट्स गुड्ज इंडस्ट्री ने वीरवार जारी अलग बयान में मुद्दा उठाया कि पंजाब सरकार यहां से माल खरीदने वाले व्यापारियों का झुकाव मेरठ की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री की तरफ होने से पहले स्पोर्ट्स इंडस्ट्री को वैट मुक्त घोषित करे।
इंडस्ट्री के संगठनों का तर्क है कि एक समय था जब देश में 90 प्रतिशत खेल सामान का उत्पादन पंजाब में तथा 10 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में होता था। बीते कुछ वर्षो में यह बढ़कर 50-50 हो गया है और उस पर चाइना के सामान की मार भी पड़ रही है। ऐसे में यूपी सरकार की नीति उत्पादन के आंकड़ों को पलटकर रख देगी।
भाजपा ने किया था टैक्स खत्म करने का वादा
विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया था कि सत्ता में आने पर स्पोर्ट्स इंडस्ट्री को टैक्स के दायरे से बाहर किया जाएगा। खेल उद्योग संघ के कन्वीनर विजय धीर का कहना है कि पंजाब सरकार सी-फार्म के मुद्दे पर भी व्यापारियों को वायदे के बावजूद राहत प्रदान करने में विफल साबित हुई है। धीर ने सी-फार्म की अंतिम तारीख 31 जून से 31 दिसंबर तक करने व डीम्ड असैस्टमैंट स्कीम लागू करने की मांग की है।