न्यूयॉर्क. बूढ़े होने की प्रक्रिया को रोका भले ही न जा सके, लेकिन अनुमान लगाकर इसे धीमा जरूर किया जा सकता है। दरअसल इंसान की हड्डियों में छिपा होता है उसके बूढ़े होने की गति का राज।
‘साइंस डेली’ के अनुसार तेल अवीव यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में पाया कि कोई व्यक्ति कितनी तेजी से बूढ़ा होगा यह उसकी हड्डियों में लिखा होता है, क्योंकि शरीर की उम्र पर आनुवांशिकी का गहरा प्रभाव होता है।
शोधकर्ताओं ने एक बॉयोलाजिकल मार्कर भी विकसित किया है, जो शरीर की हड्डियों की उम्र दर्शाता है। प्रमुख शोधकर्ता लियोनिड कैलीचमैन ने बताया कि ओसिग्राफिक स्कोर नामक इस नए मार्कर के जरिए डॉक्टर किसी व्यक्ति के शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली और जीवन काल के बारे में बता सकते हैं। यदि यह पता चले की व्यक्ति की जैविक आयु तुलनात्मक रूप से तेजी से बढ़ रही है तो इसे पूरक विटामिन और व्यायाम से धीमा किया जा सकता है।
कैलीचमैन के मुताबिक बालों का सफेद होना, त्वचा पर झुर्रियां पड़ना और उसके लचीलेपन से व्यक्ति की उम्र का तो पता चल सकता है पर इनसे कोई ठीक निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। नए बॉयोमार्कर की मदद से अपेक्षाकृत कम आयु में इलाज करके कोई व्यक्ति 90 की उम्र में 30 साल के युवा की तरह काम कर सकता है। अध्ययन में रूस के चार सौ परिवारों के 787 पुरुष और 723 महिलाएं शामिल किए गए थे।