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‘जनहित नहीं, स्वहित’

इंदौर. म.प्र. गृह निर्माण मंडल की खजराना जागीर (बायपास) स्थित 43.174 हेक्टेयर (106 एकड़) जमीन को लेकर हाईकोर्ट में लगी जनहित याचिका खारिज हो गई है। हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने निर्णय में कहा याचिका जनहित में नहीं है। इसमें पर्सनल इंट्रेस्ट नजर आता है।

जागीर की जमीन पर गृह निर्माण मंडल की आवासीय योजना आ रही है और एसईजेड की स्वीकृति भी इसके कुछ हिस्से में होना है। इसी जमीन से उपजे भ्रम को लेकर पूर्व अधिकारीद्वय सी.एस. डगांवकर एवं सुरजीतसिंह ने जनहित याचिका लगाई थी।

कोर्ट ने शुक्रवार को सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा- ऐसा प्रतीत होता है यह याचिका जनहित की नहीं है। यह पर्सनल इंट्रेस्ट पर लगाई है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं पर 15 हजार रु. जुर्माना भी किया है। गत दिनों ही इस जमीन से प्रदेश शासन के राजस्व विभाग ने स्टे हटाया था। 27 दिसंबर 06 को गृह निर्माण मंडल ने इसी जमीन पर आवासीय योजना लागू करने का आवेदन किया था। स्टे हटने के बाद जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है।

श्री डगांवकर ने बताया हमने शासकीय निर्माण एजेंसियों के विषय में कहा था कि इनके ही बीच भ्रम न हो। हाईपॉवर कमेटी बनाकर ऐसे विषयों पर निर्णय लिया जाए।





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