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घुसपैठ से खुली सीमा चौकसी की पोल

जोधपुर. मुनाबाव स्थित सीमा चौकी के नजदीक तारबंदी के नीचे से रेत हटाकर घुसपैठ कर भारतीय सीमा में सगोरालिया गांव तक दो पाकिस्तानी लड़कों के पहुंचने से बीएसएफ के सीमा चौकसी के दावों की पोल खुलने के साथ ही कई सवाल उठ खड़े हुए हैं। हालांकि सांप गुजरने के बाद लकीर पीटने की तर्ज पर बीएसएफ ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं।

बीएसएफ ने सीमा पार करीब 150 किमी दूर मीरपुर से आए इन दोनों लड़कों से पूछताछ के बाद गडरा रोड पुलिस को सौंप दिया है। उन दोनों लड़कों ने पिता के पिटाई करने पर नाराज होकर अपने रिश्तेदार के पास जोधपुर जाने की कहानी बयान की है,मगर भारतीय मुद्रा लेकर आने वाले लड़कों की यह कहानी खुफिया एजेंसियां के गले नहीं उतर रही है।

पाकिस्तान में मीरपुर इलाके के गांव चांदोलियार निवासी अजहर व जोहेब अली मुनाबाव सीमा चौकी के नजदीक बुधवार को भारतीय सीमा में आ गए। सीमा पर फ्लड लाइट और रात्रिगश्त के बावजूद इस घुसपैठ से यह सवाल उठने लगा है कि जीरो लाइन से तारबंदी तक पहुंचने और तारबंदी की नीचे से रेत हटाकर खड्डा खोद कर सात-आठ किमी पैदल गांव तक ये कैसे पहुंच गए?, तारबंदी पार करने के घंटों बाद बीएसएफ के जवानों को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी, वहां रात्रिगश्त करने वाले जवानों ने क्या तारबंदी के नीचे गड्डा या फिर पैरो के निशान नहीं देखे या फिर कोई गश्त करने गया ही नहीं? क्या सुबह पागी ने भी सीमा पार से पैरो के निशान नहीं देखे?।

तस्करों की राह कितनी आसान
इन लड़कों के तारबंदी पार करने से यह तो निश्चित है कि कोई भी आसानी से सीमा पार कर सकता है। फोटिया जैसे कुख्यात तस्करों की तर्ज पर मिनटों में तस्कर सीमा पार कर रहे हों तो कोई आश्चर्य नहीं। गौरतलब है कि थार एक्सप्रेस शुरू होने के बाद जीरो लाइन के नजदीक पाकिस्तानी प्लेटफार्म बनने से बीएसएफ के लिए चुनौतियां बढ़ गई हैं।

घुसपैठ के साथ अवांछित गतिविधियों की आशंका बढ़ने पर मुनाबाव सीमा पर बीएसएफ की नफरी बढ़ने के साथ कड़ी चौकसी के दावे किए जाते रहे है। दोनों लड़कों के बेरोकटोक आसानी से सीमापार की गांव तक पहुंचने से सीमा की चौकसी की पोल खुलने के साथ ही थार एक्सप्रेस व अन्तरराष्ट्रीय मुनाबाव रेलवे स्टेशन की सुरक्षा पर सवालिया निशान लग गया है।

पुलिस ने करवाई मौका तस्दीक
बीएसएफ ने दोनों लड़कों से पूछताछ के बाद शुक्रवार दोपहर गडरा पुलिस को सौंप दिया। तब उन्हें सगोरालिया गांव ले जाकर उनके पाए जाने वाले जगह पर मौका तस्दीक करने के साथ ही तारबंदी पार करने का ट्रायल करवाया गया। उन दोनों लड़कों से बीएसएफ के बाद अब पुलिस पूछताछ कर रही है और शनिवार को संयुक्त पूछताछ होगी।

टास्क लेकर तो नहीं आया !
अजहर के पास पांच हजार रुपए भारतीय मुद्रा और पौने तीन हजार पाकिस्तानी रुपए मिलने से वह संदेह के दायरे में आ गया है। उसने पिता के रुपए चुराने और खोखरापार में भारतीय मुद्रा बदलवाने की बात कही है। खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि पाकिस्तानी गुप्तचर एजेंसी ने कहीं अजहर को कोई टास्क देकर तो नहीं भेजा है। किसी को संदेह न हो इसलिए अजहर के साथ उसके छोटे चचेरे भाई को भेज दिया गया हो। ज्ञात रहे बीते साल भी एक लड़के सीमा पर पकड़े जाने पर उसने भी कई कहानियां बयान की थी।

दोनों लड़कों के तारबंदी पार करने के मामले में कोर्ट आफ इन्क्वायरी के आदेश दे दिए गए है। कहीं तो चूक और लापरवाही तो हुई है। कौन जिम्मेवार है ,जांच में स्पष्ट हो जाएगा।
—एसएस जोधा,डीआईजी बीएसएफ बाड़मेर सेक्टर

बीएसएफ ने दोनों लड़कों को गडरा पुलिस को सौंप दिया है। शनिवार को उनसे संयुक्त पूछताछ की जाएगी।
—विपिन कुमार पांडे,एसपी बाड़मेर





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