उदयपुर. प्रसाद की बासी खीर खाने से एक वृद्धा व उसके दामाद की मौत हो गई, जबकि परिवार के चार सदस्यों सहित आठ रिश्तेदार बीमार हो गए। उन्हें एमबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार सुभाषनगर के पास आयड़ नदी पेटे में कालकामाता मंदिर में बुधवार को किसी परिवार की ओर से परसादी हुई थी। मंदिर की पुजारिन कुम्हारों का भट्टा निवासी गेंदी बाई परसादी में बची खीर अपने घर ले गई। गुरुवार को उन्होंने थोड़ी खीर जयराम कॉलोनी निवासी अपने नाती नवीन (14) के साथ भिजवा दी।
बुधवार को बनी खीर नवीन के पिता देवीसिंह (45) एवं अन्य रिश्तेदारों ने गुरुवार रात को खाई। उधर, गेंदीबाई ने वह खीर शाम को खाई। रात करीब साढ़े 11 बजे सभी की तबीयत बिगड़ गई। पूरी रात उल्टी-दस्त से पीड़ित रहे लोगों को शुक्रवार सुबह एक निजी अस्पताल ले जाया गया। बाद में उन्हें सैटेलाइट अस्पताल लाया गया, जहां देवीसिंह की मौत हो गई। देर शाम गेंदी बाई (65) ने भी दम तोड़ दिया। बाकी को वहां से एमबी अस्पताल रैफर कर दिया।
आठ हुए बीमार
बासी खीर खाने से मृतक देवीसिंह की पत्नी सीता के अलावा पुत्र नवीन, दो पुत्रियां मंजू व पूजा, भगवतसिंह, रिश्तेदार पुष्पा व उसकी बेटी टीना तथा हिरणमगरी सेक्टर तीन निवासी राधा बीमार हैं। डॉक्टरों ने सीता की हालत चिंताजनक बताई है।
नौकर ने बचाई बाकी की जान
देवीसिंह की फर्नीचर की दुकान पर काम करने वाला नौकर मदन लाल कालवी सुबह उसके घर पहुंचा तो वहां सभी परिजन बीमार थे। कोई उसे जवाब देने की स्थिति में भी नहीं था। मदन ने देवीसिंह के भाई हेमसिंह को इसकी जानकारी दी। उसने घर पहुंचकर सभी को अस्पताल पहुंचाया।