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नाकारा अफसरों को करो रवाना

उदयपुर. गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया शुक्रवार को यूआईटी की बजट बैठक में अफसरों पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि असफरों के कारण शहर का विकास नहीं हो पा रहा है। ये सालों से एक ही जगह पर जमे हुए हैं। इन्हें तत्काल जयपुर का रास्ता दिखा देना चाहिए। इनके हटने पर ही शहर का उद्धार हो पाएगा।

बतौर विधायक बैठक में शामिल कटारिया ने कहा कि इनके गलत कामों का नतीजा हम लोगों को भुगतना पड़ता है। साथ ही इनके द्वारा कराए गए सारे निमार्ण कार्यों की एसीबी से जांच करवानी चाहिए।बैठक में जब अफसरों ने सवालों के सही जवाब नहीं दिए तो कटारिया बिफर पड़े।

अधिकारियों ने जब उनसे बजट प्रस्ताव पारित करने का आग्रह किया तो कटारिया आगबबूला हो गए और कहा कि ‘तुम्हारे खाने के लिए बजट पारित कर दें? गलत काम तुम लोग करो और जनता हमें ताने सुनाए’ यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाद में ट्रस्ट की बैठक बिना बजट पारित किए स्थगित हो गई।

यूआईटी के पिछले बजट में 201 करोड़ 31 लाख 51 हजार के बजट में से 40 फीसदी राशि ही खर्च हुई थी। यूआईटी की लापरवाही से विकास कार्यो के लिए रखे गए लगभग 119 करोड़ रुपए खर्च नहीं हो पाए थे। यह राशि विकास योजनाओं के बजट का 80 प्रतिशत है। इस मुद्दे को ‘दैनिक भास्कर’ प्रमुखता से उठाया था। बजट बैठक में शुक्रवार को यही मुद्दा छाया रहा।

कटारिया ने कहा कि यूआईटी योजनाएं तो बना लेती है, लेकिन अयोग्य अफसरों के कारण वे पूरी नहीं हो पाती। अधिकारी बरसों से एक ही जगह पर जमे हुए हैं। इनके हटने से ही शहर का उद्धार हो पाएगा। विकास योजनाओं पर मात्र 20 फीसदी राशि ही खर्च होने पर कटारिया ने अफसरों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इनके कार्यकाल में हुए निर्माण संबंधी सभी मामलों की जांच एसीबी से कराई जानी चाहिए, ताकि उनकी कलई खुल सके।

कटारिया ने अफसरों के लिए कहा ‘ये लोग न हिलते है डुलते हैं, पता नहीं किस आधार पर यहां जमे हुए हैं।’ योजनाओं की क्रियान्विति नहीं रही है। बजट का फायदा शहर को नहीं मिल रहा है। यूआईटी की घरौंदा योजना फेल रही है। गरीबों को मकान नहीं मिल पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इतना बड़ा बजट बनाने से पूर्व उनसे तक कोई चर्चा नहीं की गई। उन्होंने कहा कि बजट बनाकर पेश करना ही बड़ा काम नहीं है। बजट का क्रियान्वयन होना जरुरी है। यूआईटी की विभिन्न आवासीय योजनाओं में बहुत कम ही खर्च हुआ है। इस पर सवाल उठता है कि मानीटरिंग करने वाले क्या कर रहे थे ? कटारिया ने बैठक में सुझाव दिया कि पांच जनों की कमेटी गठित कर इन सभी मामलों की जांच करवाई जाए।

क्यों नहीं भेजी अनुपालना रिपोर्ट
ट्रस्टी कुंतीलाल जैन ने विधायक और गृहमंत्री कटारिया को गत बैठक की अनुपालना रिपोर्ट नहीं भेजने पर नाराजगी जताई। कटारिया ने कहा कि उन्हें एक भी बैठक के बारे में लिखित सूचना नहीं मिली है और शुक्रवार को हुई बैठक की भी उन्हें सूचना नहीं थी।

चेयरमैन शिवकिशोर सनाढ्य ने उन्हें फोन पर सूचना दी थी। इसके बाद वे बैठक में आए। निर्माण समिति प्रथम के अध्यक्ष मांगीलाल जोशी ने भी कहा कि उन्हें अब तक केवल एक ही बैठक की लिखित सूचना मिली है। ट्रस्टी कुंतीलाल जैन ने कहा कि यूआईटी का मखौल बनाकर रख रखा है। यूआईटी का कोई धणी-धोरी भी है या नहीं।

सांसद भी बिफरीं
सांसद किरण माहेश्वरी ने कहा कि गायरियावास में नाला नहीं बनने से लोगों को बरसात के दिनों में असुविधा हो रही है, तो वहां पर नाला निर्माण क्यों नहीं हो रहा है। इस पर वरिष्ठ नगर नियोजक बीएस कानावत ने कहा कि उनके पास कोई रिपोर्ट नहीं आई है। बाद में उप नगर नियोजक ने जब बताया कि नाला बन चुका है, लेकिन गली है, जहां से गंदे पानी की निकासी की योजना है।

कानावत ने कहा कि उसकी रिपोर्ट आई थी, जिसे उन्होंने यूआईटी को भेज दिया है। इस पर कटारिया ने उन्हें लताड़ पिलाई। उन्होंने कहा कि पहले बोल रहे थे कि कोई रिपोर्ट नहीं आई है और अब बोल रहे हैं कि रिपोर्ट यूआईटी को भेज दी है। आखिर ये माजरा क्या है।





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