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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. भरनी धान मंडी के पीछे स्थित कुएं में युवक की लाश मिलने के मामले को चकरभाठा पुलिस ने सुलझा लिया है। धान चोरी में साथ नहीं देने पर साथियों ने ही उसकी हत्या कर लाश कुएं में फेंक दी थी।
चकरभाठा पुलिस के मुताबिक भरनी निवासी प्रेमचंद्र साहू का 22 वर्षीय बेटा भूपेंद्र 1 अप्रैल की रात घर में टीवी देख रहा था। उसके दोस्त भरत उर्फ करिया सूर्यवंशी (18), हरिशंकर उर्फ उमाशंकर कौशिक (28), संतोष उर्फ रज्जू सूर्यवंशी व मंगल सूर्यवंशी (30) भी थे। कुछ देर बाद वे सभी घर से निकल गए। लेकिन भूपेंद्र घर नहीं लौटा।
गांव व आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर भी जब उसका पता नहीं चला तो उसके बड़े पिता नानकचंद ने 3 अप्रैल को चकरभाठा थाने में गुम इंसान की सूचना दी। दूसरे की दिन धान मंडी के पीछे स्थित कुएं में ग्रामीणों ने भूपेंद्र की लाश देखी। पुलिस के सामने लाश निकलवाई गई। ग्रामीणों ने उसकी शिनाख्त भूपेंद्र के रूप में की। उसके सिर व हाथ-पैर में चोट के निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी हत्या की पुष्टि हो गई। इधर घटना के बाद से भूपेंद्र के साथी फरार थे। उन्हें कुछ ग्रामीणों ने धान मंडी की ओर जाते देखा था। इसकी सूचना पुलिस को दी गई थी। आज पुलिस को सूचना मिली कि चारों युवक गांव में हैं।
पुलिस ने भरनी में दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे साथ में धान चोरी करने मंडी गए थे। पहले भूपेंद्र को अंदर जाने कहा गया तो उसने मना कर दिया और जाने लगा। इस बात पर उनके बीच कहासुनी हुई। भूपेंद्र ने मना किया तो उससे मारपीट की गई। भरत अपने पास छुरी रखे था। उसने भूपेंद्र पर छुरी से वार किया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद उन्होंने उसकी लाश कुएं में फेंक दी। जाते समय हरिशंकर उसका मोबाइल लेकर चला गया था। पुलिस ने हरिशंकर से भूपेंद्र का मोबाइल व भरत के कब्जे से छुरी जब्त कर ली है।
गलती हो गई
भूपेंद्र व आरोपियों को ग्रामीणों ने धान मंडी की ओर जाते देखा था। उसकी हत्या करने के बाद आरोपी भी फरार हो गए थे, जिससे गांववालों को आरोपियों पर ही संदेह था। इसके बाद जब वे फरार हो गए तो उन पर संदेह गहरा गया। हरिशंकर ने अपने घरवालों को बताया था कि उससे गलती हो गई। यह बात अन्य लोगों को भी पता चल गई थी। इसके चलते पुलिस को भी उन्हें पकड़ने में आसानी हुई।