बीकानेर. बोर्ड परीक्षाएं खत्म होने के साथ ही बीकानेर से जाने वाली लगभग सभी ट्रेने फुल हो गई है। ऐसी स्थिति में रेलवे की रिजर्वेशन विंडो पर आरक्षण करवाने वालों की कतार दिनोंदिन लंबी होती जा रही है।
समर वैकेशन में सिकंदराबाद के अलावा किसी भी रूट पर विशेष ट्रेन चलाने की घोषणा अभी तक नहीं की गई है। बीकानेर से चलने वाली ट्रेनों में स्लीपर क्लास के साथ-साथ एसी कोच भी फुल चल रहे हैं।
एक्जाम खत्म हो चुके हैं। लोगों ने समर वैकेशन हिल स्टेशनों तथा अन्य सुरम्य स्थानों पर मनाने की तैयारियां भी कर ली है। रेलवे की रिजर्वेशन विंडों पर लगने वाली कतार की लंबाई जहां दिनोंदिन बढ़ रही है, वहीं ट्रेनों में रिजर्वेशन नहीं मिल रहा। बीकानेर से चलने वाली लगभग हर ट्रेन फुल है।
बीकानेर से इस सीजन में गर्मी की छुट्टियों में मुंबई, अहमदाबाद के बाद जम्मू जाने वाली लोगों की संख्या अधिक है। इन दिनों सबसे अधिक रस शुक्रवार को चलने वाली बीकानेर-सिकंदराबाद के बीच चलने वाली एक्सप्रेस गाड़ी नंबर 7038 में हैं। इस गाड़ी में 12 अप्रैल से 13 जून तक वेटिंग टिकट का आंकड़ा सैकड़ा पार कर चुका है। बीकानेर- ब्रांदा के बीच चलने वाली 4707 एक्सप्रेस 12 अप्रैल से पांच मई टू-टीयर एसी कोच के अलावा किसी भी कोच में सीटें उपलब्ध नहीं है।
बीकानेर से गुवाहटी के बीच चलने वाली 5631 ‘ए’ में 17 मई तक ऐसी स्थिति रहेगी। लालगढ़ रेलवे स्टेशन से गुवाहटी के बीच चलने वाली 5610 अवध-आसाम एक्सप्रेस की स्थिति भी टाइट चल रही है। हर मंगलवार केा चलने वाली बीकानेर-त्रिवेन्द्रम में तो अगले एक महीने तक कोई सीट खाली नहीं है। इन ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट भी सैकड़ा पार चल रही है।
बीकानेर से ब्रांदा के बीच चलने वाली 0720 स्पेशल ट्रेन में भी 15 मई तक कोई स्पेश नहीं है। बीकानेर से जम्मू के बीच चलने वाली 9224 गाड़ी भी दो मई तक फुल चल रही है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि समर वैकेशन के दौरान अप्रैल से जून तक हर रूट की ट्रेनें फुल रहती है। ऐसे में हर रूट पर स्पेशल गाड़ी चलाना आसान नहीं है। ट्रेनों में यात्रियों की स्थिति को देखते हुए कोच बढ़ाने का निर्णय लिया जा सकता है लेकिन वह भी यात्रियों की संख्या को देखते हुए।
बच्चों ने पहले ही यह तय कर लिया था कि इस बार समर वैकेशन वे मुंबई में इंजाय करेंगे। एग्जाम खत्म होते ही उन्होंने टिकट करवाने की जिद्द शुरू कर दी। रिजर्वेशन करवाने पहुंचा तो पता चला कि बांद्रा में तो 16 मई से पहले स्लीपर क्लाश में बर्थ खाली ही नहीं है।
- सुंदरलाल वर्मा, यात्री
छुट्टियों में हो सकती हैं 24 कोच की गाड़ी
बीकानेर से चलने वाली गाड़ियों में 24 कोच तक ही लगाए जा सकते हैं। सामान्यतया यहां से चलने वाली गाड़ियों में 22 कोच चलते हैं लेकिन छुट्टियों के दौरान एक-दो कोच बढ़ने की संभावना भी रहती है। बीकानेर मंडल के डीआरएम पंकज जैन ने बताया कि छुट्टियों के दौरान सिकंदाराबाद के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। ब्रांदा के लिए सप्ताह में एक विशेष गाड़ी अतिरिक्त चलाई भी जा रही है। इसके अलावा प्रतिदिन जाने वाली गाड़ियों में यात्रियों की संख्या को देखते हुए कोच बढ़ाने का निर्णय लिया जाएगा।
फुल हुए एसी कोच
मई-जून की प्रचंड गर्मी के दौरान एसी कोच में यात्रा करने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बीकानेर से चलने वाले सभी गाड़ियों में स्लीपर कोच से पहले एसी कोच फुल हो गए हैं। बीकानेर-बांद्रा, हावड़ा, जम्मू और अवध-आसाम एक्सप्रेस और ब्रांदा के लिए चलाई गई स्पेशल गाड़ी में मई के दूसरे पखवाड़े तक एसी कोच में एक भी सीट खाली नहीं है। जानकार लोग बता रहे हैं कि आम दिनों में स्लीपर कोच में यात्रा करने वाले लोग अप्रैल-जून के बीच सैकंड क्लास एसी में यात्रा करना अधिक पसंद कर रहे हैं।