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जेल के प्रहरी पर कातिलाना हमला

बीकानेर. यूटिलिटी गाड़ी में सवार होकर आए नकाबपोश लोगों ने बीछवाल में आरटीओ कार्यालय के पास टैक्सी में सवार जेल के सुरक्षा प्रहरी को रोककर चाकू व डंडों से कातिलाना हमला किया। वारदात के पीछे केन्द्रीय कारागृह के कैदियों का हाथ होने की आशंका जताई गई है।

पीबीएम अस्पताल में भर्ती जेल के महा मुख्य प्रहरी ईशाक मोहम्मद ने अपने पर्चा बयान में जामसर थाना पुलिस को बताया है कि शुक्रवार को वह मुख्य प्रहरी अलाद्दीन के साथ टैक्सी में सवार होकर नमाज पढ़ने जा रहा था। राजकीय मूक बधिर आवासीय विद्यालय व आरटीओ कार्यालय के बीच में बिना नंबर की सफेद यूटिलिटी गाड़ी में सवार होकर आए तीन नकाबपोश लोगों ने टैक्सी रुकवा ली।

नकाबपोशों ने मोहम्मद ईशाक को जबरन टैक्सी से उतारा और चाकू व डंडों से कातिलाना हमला कर दिया। टैक्सी में भी तोड़फोड़ की। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर फरार हो गए। घायल ईशाक को पीबीएम अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। उसके कू ल्हे, हाथ-पैर व शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटें आई हैं।

ईशाक ने वारदात के पीछे जेल के कैदी रामचन्द्र व जयप्रकाश बिश्नोई का हाथ होने की आशंका जताई है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला करने का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। कैदियों के पास से मोबाइल व सिम बरामद हुए थे। पुलिस तहकीकात कर रही है कि कैदियों ने मोबाइल के जरिये किन लोगों से बात की थी। इसके अलावा कैदियों से मिलने आने वाले लोगों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है।

कैदियों ने दी थी धमकी
केन्द्रीय कारागृह के कैदी रामचन्द्र व जयप्रकाश बिश्नोई सुरक्षा प्रहरी मोहम्मद ईशाक से रंजिश रखते थे और उसे मारने की धमकी भी दी थी। प्रहरी ईशाक ने तीन अप्रैल को रामचन्द्र व जयप्रकाश के पास से मोबाइल व सिम बरामद किए थे। उसके बाद से ये कैदी रंजिश रखने लगे। छह अप्रैल को दोनों कैदियों को तारीख पेशी पर दिल्ली की तिहाड़ जेल ले जाया जा रहा था। इस दौरान उन्होंने प्रहरी ईशाक को मारने की धमकी दी थी। दोनों कैदी शातिर अपराधी हैं और जानलेवा हमले के मामले में जेल में हैं।

इन्होंने दिल्ली में लूट की वारदात को अंजाम दिया था जहां की तिहाड़ जेल में छह अप्रैल को तारीख पेशी पर भेजा गया है। अन्य मामले में भी वहां पेशी होने के कारण दोनों कैदी अभी वापस नहीं लोटे हैं।

दोनों कैदी तारीख पेशी पर दिल्ली गए हुए हैं। उनके वापस लौटने पर पूछताछ की जाएगी। घटना के बारे में उच्चधिकारियों को अवगत करवाया गया है।
- डॉ. ए. आर. नियाजी, जेल अधीक्षक

जेल में कैसे पहुंचा मोबाइल
केन्द्रीय कारागृह के अधिकारी-कर्मचारियों की आंखों में धूल झोंककर कैदियों ने मोबाइल, सिम व चार्जर हासिल कर लिए और उनका उपयोग करते रहे। तीन अप्रैल की रात को सुरक्षा प्रहरियों ने कैदियों से मोबाइल व सिम बरामद किए। जेल के अधिकारियों को करीब 15 दिन पहले एक मोबाइल मिला था। उसके बाद से अधिकारी सतर्क हो गए। तीन अप्रैल की रात को कैदियों के बैरिकों की आकस्मिक चैकिंग की गई तो रामचन्द्र और जयप्रकाश बिश्नोई के पास मोबाइल व सिम बरामद हो गए। इस मामले की जांच उप अधीक्षक नंदसिंह राजावत को सौंपी गई। बीछवाल पुलिस चौकी इंचार्ज महेशदान को भी इत्तला की गई थी।





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