अमृतसरडायरैक्टर आफ मैडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (डीएमईआर) के पद पर तैनात डॉ. जे.एस. दलाल को आखिरकार विभाग ने मौजूदा पद से हटा कर पंजाब इंस्टीच्यूट ऑफ मैडिकल साइंस (पिम्स) प्रतिनियुक्त कर दिया। डॉ. दलाल कई आरोपों का सामना कर रहे हैं और उनके कामकाज की शैली से विवाद पैदा हो गए थे। एडिशनल सैक्रेटरी नरिंदर सिंह बाठ को डीएमईआर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। डॉ. दलाल को हटाए जाने का कारण मैडिकल शिक्षा मंत्री और सचिव ने पिम्स के काम में तेजी लाना बताया है।
उधर, सूत्रों के अनुसार विवाद से बचने के लिए मंत्री ने यह निर्णय लिया है। डॉ. दलाल ने जब डायरैक्टर का चार्ज संभाला था तो उनके खिलाफ कई मामलों की जांच चल रही थी। आरक्षित सीट पर योग्य उम्मीदवार की जगह दूसरे की नियुक्ति करने के मामले की जांच में दोषी पाए जाने के बाद वे सस्पैंड चल रहे थे। डीएमईआर पद पर डा. दलाल की नियुक्ति केवल डा. किरणजीत कौर के छुट्टी पर रहने तक बताई गई थी, लेकिन वापस लैटने पर डा. कौर की छुट्टी कर दी गई। इससे डा. कौर नाराज हो गई थीं।
सभी जांच रुक गई थी डीएमईआर बनने के बाद डा. दलाल ने अपने खिलाफ लगे बायो कैमेस्ट्री टैस्टिंग डिपार्टमैंट के उपकरण खरीद घपला, नर्सिग कालेजों को मापदंड पालन के बगैर मान्यता देना और गलत सर्टीफिकेट जारी करने के चार आरोपों की जांच ठंडे बस्ते में डालवा दी। डा. दलाल पर मैडिकल के कुछ छात्रों ने अनियमितता बरत कर अवैध रूप से संपत्ति बनाने के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री समेत कई उच्चधिकारियों को पत्र भी भेजा था।
कार्यकाल बढ़ाने पर भी विवाद
डीएमईआर के पद से डा. दलाल को नवंबर 2008 में रिटायर हो जाना था, लेकिन फरवरी में ही उन्होंने सरकारी मैडिकल कालेज पटियाला में फोरैंसिक प्रोफैसर का अतिरिक्त चार्ज ले लिया। यह काम उन्होंने वहां की प्रिंसीपल डा. जसविंदर पाल कौर शेरगिल की अनुपस्थिति में करा लिया था जिस पर बाद में डा. शेरगिल ने आपत्ति दर्ज कराई थी।