अजमेर. शहर की जनता को सुख - सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई अजयमेरू ई मित्र योजना ने डेढ़ वर्ष में दम तोड़ दिया है। योजना के चार में से दो लोकल सर्विस प्रोवाइडर गबन कर भाग गए हैं जबकि शेष दो के कियोस्क की संख्या घटकर 12 रह गई है।
2006 में चार लोकल सर्विस प्रोवाइडर के जरिए योजना का श्रीगणोश किया गया था। वीरमति अहमदाबाद, आर्यायूक्लिस, सीएमएस और आर टू आर चार एलएसपी ने अजमेर में चालीस से ज्यादा कियोस्क स्थापित कर उपभोक्ताओं को सेवाएं देना शुरू किया। वीरमति और आर्यायूक्लिस के द्वारा बिल की राशि का गबन करने के बाद उनका ठेका निरस्त कर दिया है। अब केवल सीएमएस के 9 और आर टू आर 3 कियोस्क संचालित हैं।
फिर भी विलंब शुल्क
ई मित्र योजना के प्रभारी और कोषाधिकारी राजेंद्र पंवार ने आरोप लगाया कि जलदाय विभाग और अजमेर विद्युत वितरण निगम की ओर से योजना संचालन में सहयोग नहीं किया जा रहा है। कियोस्क पर जमा बिल में उपभोक्ता को दोबारा बिल की राशि व विलंब शुल्क जोड़ कर बिल दिया जा रहा है। इससे उपभोक्ता कियोस्क का उपयोग करने से कतरा रहे हैं।
बिल जमा नहीं कराएं
कोषाधिकारी राजेंद्र सिंह ने कहा कि प्रशासन ने वीरमति और आर्यायूक्लिस के कियोस्क से सेवाएं लेना बंद कर दिया है। उपभोक्ताओं को वहां बिल जमा नहीं कराने हैं।