जयपुर.
सांगानेर एयरपोर्ट विस्तार योजना के लिए 59.69 एकड़ जमीन अवाप्त करने से 400 मकानों के टूटने का खतरा हो गया है। जिला प्रशासन ने खोखावास, सूरजपुरा घाटी, सवाई गेटोर तथा मनोहरपुरा ग्राम में आने वाली भूमि सर्वे कर चिह्न्ति कर ली है। पर्यटन एवं नागरिक उडड्यन विभाग ने भूमि अवाप्ति अधिनियम, 1894 की धारा 6 के नोटिस भी जारी कर दिए हैं। इसके बाद विभाग संबंधित जमीन का कब्जा लेने की कार्रवाई करेगा।
यह जमीन एयरपोर्ट के रनवे के विस्तार में काम आएगी। अभी रनवे की लंबाई 9 हजार वर्गफुट है, जो अवाप्ति के बाद 12 हजार वर्गफुट हो जाएगी। इसमें करीब 22 कॉलोनियों के 400 मकान आ रहे हैं। जिला प्रशासन इन भूखंडधारियों को डीएलसी दर से मुआवजा देगा, जो वर्तमान बाजार मूल्य से काफी कम है।
हवाई अड्डा संघर्ष समिति के संयोजक गिरधारीसिंह भाटी ने बताया कि जिला प्रशासन में उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मुआवजा भी बहुत मामूली तय किया गया है। अवाप्ति में मुआवजा भी मूल खातेदारों को ही मिलेगा।
22 कॉलोनियों के लोग होंगे प्रभावित
अवाप्ति में दो दर्जन से अधिक कॉलोनियां आ रही हैं। इनमें सबसे ज्यादा प्रभावित रामसिंहनगर, दौलत विहार, विष्णु विहार, मारुति नगर, जमना विहार, सिद्धार्थनगर सी, शंकरविहार ए बी सी तथा श्रीनगर हैं। इनमें से कई कॉलोनियों की तो 90 बी की कार्रवाई भी हो गई है।
आखिरी दम तक संघर्ष करेंगे
स्थानीय निवासी महेशसिंह ने बताया कि इस इलाके में ज्यादातर लोग मध्यमवर्गीय नौकरीपेशा हैं, जिन्होंने बड़ी मुश्किल से मकान बनाया है। वे अपने आशियाने आसानी से नहीं टूटने देंगे। मकानों को बचाने के लिए कॉलोनी वाले आखिरी दम तक संघर्ष करेंगे। उन्होंने जिला प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह हमारी सुनवाई नहीं कर रहा है। घरौंदा बचाने के लिए लोगों ने सभाएं करना शुरू कर दिया है।
पहले पुनर्वास हो
लोगों का कहना है कि जमीन कब्जे में लेने से पहले विस्थापितों का पुनर्वास किया जाना चाहिए। क्षेत्र के बाशिंदे तेजसिंह ने बताया कि अवाप्ति मुआवजा काफी कम है और वह भी जमीन के खातेदारों को मिलेगा। उन्हें स्पष्ट रूप से कोई नहीं बता रहा है कि मुआवजा कब और कैसे मिलेगा। विभाग ने मुआवजे के लिए नाम भी मूल खातेदारों के ही निकाले हैं।
मुआवजा राशि तय करने के बाद अब कब्जा लेने की कार्रवाई की जाएगी। सरकार की इजाजत मिलते ही कार्रवाई किसी भी समय शुरू हो सकती है। मुआवजा राशि खातेदारों को ही मिलेगी। अगर उन्होंने अपनी जमीनें सोसायटी को बेच दी हैं तो ऐसी स्थिति में वास्तविक भूखंड मालिक को मुआवजा दिया जाएगा।
—पुरुषोत्तम शर्मा, भूमि अवाप्ति अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी, सांगानेर