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रफ्तार ने ली सात जानें

रायपुर. accरायपुर कस्बे से मात्र एक किमी दूर शुक्रवार दोपहर को लापरवाह रफ्तार ने सात जनों की जान ले ली। तेज गति से आ रही टैक्सी का चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। टैक्सी पेड़ से टकराती हुई खड़े ट्रक में जा घुसी। भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि टैक्सी का पूरा हिस्सा ट्रक में धंस गया। इस हादसे में चार जनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। तीन जनों की मौत झालावाड़ एसआरजी अस्पताल में हुई।

डीएसपी सुमित गुप्ता ने बताया कि पुलिस व ग्रामीणों की मदद से टैक्सी में फंसे लोगों को निकाला गया। चार जनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। गंभीर घायल व अन्य लोगों को झालावाड़ के लिए रैफर किया गया जहां तीन जनों की और मृत्यु हो गई। मृतकों में डोगर गांव निवासी रफीक (45) पुत्र कासम भाई, रायपुर निवासी जितेंद्र (35) पुत्र मोहनलाल, झालावाड़ घोसी मोहल्ला निवासी वसीम मुहम्मद (28) पुत्र गफूर मोहम्मद, बराई निवासी रमेशचंद (26) पुत्र नारायण, रामपुरिया निवासी बाबूसिंह (23) पुत्र कालूसिंह एवं डोगरगांव निवासी फरीद खां (9) पुत्र रफीक खां और समराई निवासी राहुल (4) पुत्र गोपाल शामिल हैं।

दुर्घटना में आजमपुर निवासी भवानीराम, रतनलाल, शांतिबाई पत्नी गोपाल, हिना पुत्री रफीक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को झालावाड़ के राजकीय एसआरजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दौरान डीएसपी सुमित गुप्ता, एसडीएम गौरव बजाज, सीआई पीसी भास्कर आदि मौजूद रहे।

..काश स्पीड कम होती
अस्पताल में भर्ती घायलों के परिजनों ने बताया कि गाड़ी की स्पीड तेज थी। काश गाड़ी की स्पीड धीरे होती तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता।

मां से छीन गया बेटा
डूंगरगांव निवासी रफीक व उसका बेटा फरीद इस हादसे में जान गंवा बैठा। रफीक की पुत्री हिना की भी हालत गंभीर बनी हुई है। उधर, मृतक राहुल के मामा बजरंगलाल ने बताया कि उसकी बहन शांतिबाई का इकलौता बेटा भी भगवान ने छीन लिया।

दस-दस हजार रु. सहायता
मुख्यमंत्री सहायता कोष से मृतकों के परिजनों को दस-दस हजार रु. सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। घायलों को पांच-पांच हजार रुपए दिए जाएंगे।

सुरक्षा की खामियां भी कम नहीं
बेकाबू स्पीड, बेहिसाब सवारियां और यातायात के नियम-कानून ताक में रखना टैक्सी चालकों की आदत में शुमार हो गया है। अकेले झालावाड़ जिले ही नहीं बल्कि समूचे हाड़ौती अंचल में दिन-रात सरपट दौड़ती इन जीपों के संचालक भी बेखैफ हैं।

हादसे पर हादसे होते रहे, लेकिन पुलिस प्रशासन इन पर अंकुश लगाने का जतन नहीं कर पाया। इसी साल 3 फरवरी को कोटा-झालावाड़ मार्ग पर जगपुरा के समीप ट्रक की टक्कर से देवर-भाभी समेत तीन की मौत और 23 मार्च को कोटा-बारां हाइवे पर सीमलिया के समीप डम्पर पलटने से आठ जनों की मौत हो गई।

सुरक्षा की इन्हीं खामियों के चलते अकेले झालावाड़ जिले में पिछले साल जीप के अनियंत्रित होकर कुएं में गिरने से नौ जानें चली र्गई थीं। वहीं मनोहरथाना क्षेत्र में ट्रैक्टर हादसे में आठ और घाटोली के करीब नदी में जुगाड़ बहने से दस लोग काल के ग्रास बने थे।





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