लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मायावती सरकार के ज्यादातर विधायकों ने चुनाव क्षेत्र के विकास के लिए आवंटित धनराशि का 15 प्रतिशत भी विकास कार्यों के लिए इस्तेमाल नहीं किया है।
ग्राम विकास द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार ,वर्ष 2007-08 में विधायक चुनाव क्षेत्र के विकास के लिए 638 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है और इस धनराशि का आधा भी जनहित कार्यों के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया है। कानपर देहात जैसे इलाके में विधायक ने सिर्फ 11 प्रतिशत धनराशि खर्च किया है जबकि फरुखाबाद में यह आकंड़ा महज 13 प्रतिशत है।
इन दोनों जिलों के विधायक बसपा पार्टी के हैं। मायावती इस रिपोर्ट से काफी परेशान हैं। उन्होंने पार्टी के सभी विधायकों को निर्देश दिया है कि वे विधायक कोष का इस्तेमाल जल्द से जल्द करें।
ग्राम विकास मंत्री दादू प्रसाद ने कहा मैंने सभी विधायकों को इस बारे में पत्र लिखा है।
अब सवाल यह उड़ता है कि विधायक पैसा खर्च करने में इतनी कंजूसी क्यों करते हैं? इस बारे में भाजपा विधायक लालजी टंटन का कहना है कि स्थानीय एजेंसियां ठीक से काम नहीं करती हैं। अभी तक पुराने कार्य ही पूरे नहीं हुए हैं। नई योजनाओं का तो प्रश्न ही नहीं उठता है।
गौरतलब है कि 1998 में शुरु किए गए विधायक चुनाव क्षेत्र कोष निधि के अंर्तगत हर विधायक को हर साल 1.25 करोड़ रुपए दिए जाते हैं । लेकिन ज्यादातर विधायक इसका इस्तेमाल चुनाव के ठीक पहले ही करते हैं।