इंदौर. किराये के फ्लैट तलाश में पहुंचे व्यक्ति ने प्रापर्टी ब्रोकर भाइयों का भरोसा जीता और टेलीकॉम कंपनी में भागीदारी से तगड़ा मुनाफा कमाने का झांसा दिया। उसकी हाईफाई इंग्लिश, मुंबई की हवाई यात्रा और संबंधों के चलते दोनों ने 25 लाख रुपए दे दिए। उसके बाद वह गायब हो गया। सूचना तो यह भी है कि उसने अन्य लोगों को भी डेढ़ करोड़ से ज्यादा की चपत लगाई।
तीन महीने पहले न्यू पलासिया निवासी प्रापर्टी ब्रोकर राम व श्याम गुप्ता से बेंगलुरू निवासी कमल पुरुषोत्तम पांडे मिला और किराये के फ्लैट की जरूरत बताई। साथ में बताया मुझे एयरपोर्ट अथॉरिटी से ग्लोबल एडवटाइजमेंट के नाम से दो साल का कांट्रेक्ट मिला है। मेरे पिता कर्नाटक के पूर्व गृहमंत्री हैं। गुप्ता बंधुओं ने उसे शालीमार टॉउनशिप में शीतल ऋषिभाई का फ्लैट 13 हजार रुपए महीना किराये पर दिलाया। तब पांडे के साथ दो बच्चे और दो महंगी कारें भी थीं। धीरे-धीरे उनमें गहरी मित्रता हो गई।
कुछ दिन पहले पांडे ने बताया मुझे एक बड़ी टेलीकॉम कंपनी से मध्यप्रदेश में टॉवर लगाने का ठेका मिल रहा है जिसमें लाखों रुपए महीने कमाई होगी। बातचीत के लिए मुंबई चलना है। फिर वह गुप्ता बंधुओं को विमान से मुंबई ले गया और रामी इंटरनेशनल होटल में ठहराया। दूसरे दिन कंपनी के ऑफिस में अधिकारियों से मिलवाया। वहां मैनेजर ने मध्यप्रदेश में टॉवर लगाने की लोकेशन का नक्शा भी बताया। वहीं पांडे ने कहा कंपनी में 1.20 करोड़ रुपए जमा करना है और 25 लाख कम पड़ रहे हैं। इस पर गुप्ता बंधुओं ने रुपए दे दिए।
बाद में उसने 11 अप्रैल की सुबह फिर विमान से मुंबई चलने का कहा। 9 अप्रैल को गुप्ता बंधुओं ने फोन किया तो होटल लार्ड्स इन बुलाया लेकिन नहीं मिला। इस बीच एसएमएस कर 20 मिनट में श्री गुप्ता के घर पहुंचने की सूचना दी और नहीं पहुंचा। इसके बाद मोबाइल बंद हो गया तो शंका हुई। गुप्ता बंधु शालीमार टॉउनशिप पहुंचे तो पता लगा वह फ्लैट खाली कर गया है। एक कोरोला कार मिली जो संभवत: चोरी की है।
गुप्ता बंधुओं ने टेलीकॉम कंपनी संपर्क किया तो बताया न किसी के.पी. पांडे को जानते हैं, न उसने रुपए जमा किए। तब लसूड़िया थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई। इस बीच पता लगा है कि पांडे ने कई लोगों को चपत लगाई। कुछ बिल्डर ने उसे पार्टनरशिप के नाम पर लाखों रुपए दिए।