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पानी की सुरंगों पर करोड़ों का भवन

रायपुर. houseरजबंधा तालाब पर निर्माणाधीन डेंटल कालेज के 10 फुट नीचे चार बड़े नालों का पानी भर रहा है। नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी(एनबीसीसी) ने चिकित्सा शिक्षा विभाग(डीएमई) की मदद से 300 एमएम की अस्थायी पाइप लाइन बिछाकर नालों का पानी बड़े नाले में डायवर्ट कर दिया। गर्मी में पानी के फ्लो को देखते हुए अफसरों को अंदेशा है कि बरसात में टेंपरेरी लाइन ओवरफ्लो होकर फूटेगी और डेंटल कालेज व अस्पताल में गंदा पानी घुस जाएगा।

बारिश में आने वाली मुसीबत का अंदाजा लगाकर अफसर बेचैन हैं। डीएमई और एनबीसीसी के अफसरों ने इसके लिए नगर निगम को जिम्मेदार ठहरा दिया है। उनका कहना है कि 2005 में जब डेंटल कालेज के लिए रजबंधा तालाब का चयन किया गया था, उसी समय से अंडरग्राउंड नालों को डायवर्ट करने के लिए चिट्ठियां लिखी जा रही हैं। निगम ने ध्यान नहीं दिया।

एनबीसीसी और डीएमई के अफसरों ने बताया कि मेडिकल कांप्लेक्स वाले मुहाने पर एक और कांप्लेक्स गेट के ठीक सामने से दो नाले तालाब में मिले हैं। चौथा नाला बिन्नीबाई धर्मशाला के सामने की सड़क से आया है। मेडिकल कांप्लेक्स गेट के सामने वाला और बिन्नी बाई धर्मशाला की ओर से आने वाले नाले बड़े हैं।

नालों का जाल बरसों पुराना
सूत्रों ने बताया कि रजबंधा तालाब में अंडरग्राउंड नालों का जाल बरसों पुराना है। शहर के कई हिस्सों का गंदा पानी उन नालों से पहुंचाया जा रहा है। निर्माण का बीड़ा उठाते समय एनबीसीसी को अंदेशा भी नहीं था कि तालाब के ठीक नीचे इतनी धाराएं बह रही हैं। दिसंबर 2006 में कंपनी ने बिल्डिंग का काम शुरु कर दिया। जून 2007 में मूसलाधार बरसात के बाद जब परिसर में पानी भर गया भारी-भरकम मशीनें भी पूरी तरह डूब गईं, तब हकीकत सामने आई। इस वजह से प्रोजेक्ट निर्धारित समय से 18 महीने लेट हुआ।

अस्थायी इंतजाम
एनबीसीसी ने मेडिकल कांप्लेक्स वाले मोड़ से डेंटल कालेज के करीब 5 फीट नीचे पाइप लाइन बिछाई। पाइप लाइन में तीन नालों को जोड़ने के बाद उसे कालेज की बाउंड्रीवाल के किनारे-किनारे एकात्म परिसर के पास से गुजरने वाले नाले से जोड़ दिया। नगर निगम कालेज की बाउंड्रीवाल के बाहरी हिस्से में बड़ा नाला बनाकर अंडरग्राउंड नालों को उसमें जोड़कर समस्या को हमेशा के लिए दूर कर सकता है।

हफ्तेभर में शिफ्टिंग
डेंटल कालेज और अस्पताल के नए भवन का काम 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अगले हफ्ते से शिफ्टिंग शुरु हो जाएगी। जानकारों ने बताया कि क्लीनिकल विभाग को एक-एक करके आयुर्वेद कालेज की बिल्डिंग से यहां शिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद नाल क्ली. विभाग- कक्षाओं को यहां लाया जाएगा।

कैसे भरेगा पानी
निर्माणाधीन डेंटल कालेज के नीचे की अस्थायी पाइप लाइन के ढक्कन कुछ दिन पहले बंद कर दिए गए थे। इससे पानी रिवर्स होने लगा और मेडिकल कांप्लेक्स व जीईरोड की दुकानों में पानी भरने लगा था। इस बात को लेकर लोगों ने काफी बवाल मचाया था। भीड़ के विरोध के बाद नालों के मुंह खोल दिया। अफसरों का दावा है कि अभी तो केवल बाथरुम और छोटी मोटी जरुरतों को पूरा करने के लिए बहाया जा रहा पानी ही सप्लाई हो रहा है। बरसात में सड़क और छतों का ही नहीं पूरे एरिया का पानी बहकर आएगा, तब क्या स्थिति होगी।

मुझे इसकी जानकारी नहीं है। कोई चिट्ठी भी नहीं मिली है। अगर ऐसी कोई बात है तो तुरंत हल निकालने के लिए पहल की जाएगी।
-जितेंद्र शुक्ला, नगर निगम आयुक्त

राज्य शासन की ओर से भी नगर निगम को चिट्ठी लिखी जा चुकी है। समस्या हल नहीं हुई तो बरसात में यह भव्य इमारत किसी काम की नहीं रह जाएगी।
-डा. एसएल आदिले, चिकित्सा शिक्षा संचालक





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