जयपुर. एमएड में इस बार प्रवेश के लिए कड़ी टक्कर होगी। 30 में से एक छात्र को प्रवेश मिल पाएगा। प्रीएमएड परीक्षा के लिए 750 सीटों के लिए 22,500 आवेदन आए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11 हजार ज्यादा हैं।
राजस्थान विश्वविद्यालय लगातार दूसरे वर्ष प्रीएमएड परीक्षा का आयोजन कर रहा है। इस बार 20 फीसदी सीटें महिला अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित हैं। शेष सीटों पर सामान्य कोटे से प्रवेश होंगे।
परीक्षा समन्वयक मधुरेश्वर पारीक ने बताया कि 25 मई को सभी संभागीय मुख्यालयों पर परीक्षा होगी। परिणाम एक सप्ताह में घोषित कर दिया जाएगा और अगस्त में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
क्यों आए इतने आवेदन : राज्य में लगातार खुल रहे बीएड कॉलेजों के कारण फिलहाल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी चल रही है। ऐसी स्थिति में एमएड करने के बाद छात्रों को बीएड कॉलेजों में शिक्षकों के रूप में आसानी से नियुक्ति मिलने की संभावनाएं हैं।
राजस्थान लोकसेवा आयोग के माध्यम से निकलने वाली व्याख्याता और प्रधानाध्यापक पदों पर भी एमएड को वरीयता दी जाती है। डाइट में भी शिक्षक के रूप में नियुक्ति की अच्छी उम्मीद है।
आरपीएमटी से भी कड़ा मुकाबला
एमएड में दाखिला मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश से भी ज्यादा मुश्किल है। इस बार राज्य के 15 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस, बीवीएससी एंड एएच पाठ्यक्रमों की 1000 सीटों पर प्रवेश के लिए 23,000 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया है। यानी 22 में से एक का चयन आरपीएमटी में होगा।