जयपुर.
महंगाई रोकने के राज्य सरकार के प्रयासों पर भाजपा विधायक और पूर्व खाद्यमंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने ही सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्वमंत्री का कहना है महंगाई रोकने के लिए सरकार को स्टॉक सीमा को तुरंत लागू करना चाहिए। वे जब खाद्यमंत्री थे उस समय स्टॉक सीमा लागू करने के लिए पहले फाइल चलाई थी। यह फाइल मुख्यमंत्री तक गई थी। अब वो कहां है और स्टॉक सीमा को लागू क्यों नहीं किया जा रहा, पता नहीं।
महंगाई पर मीणा का कहना है कि महंगाई लगातार आसमान छू रही है, लेकिन राज्य सरकार इसे कंट्रोल करने के लिए स्टॉक सीमा लागू करने के प्रति गंभीर नहीं है। कालाबाजारी रोकने और महंगाई को काबू में करने के लिए सरकार को एक्शन लेना ही होगा। यही एकमात्र तरीका है, अन्यथा हालात और बेकाबू हो जाएंगे।
केंद्र ने दिए थे अधिकार : दो वर्ष पहले भी जब भाव आसमान छू रहे थे, तब भी केंद्र ने राज्य को खाद्यान्नों पर स्टॉक सीमा लगाने के अधिकार दिए थे, लेकिन उस समय भी इन अधिकारों का उपयोग नहीं किया गया।
छह-छह माह के लिए दिए इन अधिकारों की समय सीमा भी जा चुकी है। केंद्र ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 में प्रदत अधिकारों के तहत पहले 2006 में और फिर 31 अगस्त, 2007 को ऐसे ही आदेश जारी किए थे। इसमें महंगाई को काबू में करने के लिए राज्य सरकार को स्टॉक सीमा लागू करने के अधिकार प्रदान किए गए थे।
स्टॉक सीमा छूट और प्रतिबंध : केंद्र सरकार ने 15 फरवरी, 2002 को आदेश जारी कर खाद्य सामग्री को निर्बाध रूप से खरीदने, परिवहन, भंडारण, बिक्री, वितरण, निस्तारण, अवाप्त करने की छूट दे दी। इसमें गेहूं, धान, चावल, अनाज, चीनी, खाद्य बीज, खाद्य तेल, दालें, गुड़, गेहूं, उत्पाद यथा मैदा, रवा, सूजी,आटा और चापड़ शामिल हैं। देश एवं प्रदेश में खाद्यान्न की कमी होने की दशा में समय-समय पर इस छूट को प्रतिबंधित भी किया गया।
इनका कहना है >>
महंगाई बढ़ेगी
‘राज्य में स्टॉक सीमा लागू करने से महंगाई कम नहीं होगी, बल्कि बढ़ेगी। दो नंबर का कारोबार शुरू हो जाएगा और इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलने लगेगा। व्यापारियों की मानसिकता बदल चुकी है और स्टॉक सीमा लागू होने पर वे अपना कारोबार भी बदल सकते हैं।
- बाबूलाल गुप्ता, प्रदेश महामंत्री, राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ
दिल्ली में छापे
दिल्ली में महंगाई की मार से राहत दिलाने के लिए खाद्य आपूर्ति विभाग ने जमाखोरों पर कार्रवाई करते हुए 15 गोदामों पर छापे मारे हैं।
वोट बैंक खिसकने का खतरा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व खाद्यमंत्री जनार्दनसिंह गहलोत का कहना है कि राज्य की भाजपा सरकार जानबूझकर व्यापारी वर्ग पर कार्रवाई नहीं कर रही है। दरअसल, सरकार व्यापारियों को नाराज नहीं करना चाहती। यह भाजपा का परंपरागत वोट बैंक है। गहलोत ने कहा यदि स्टॉक सीमा लागू कर दी जाए तो महंगाई पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है।
नहीं की पहल
वर्तमान स्थिति और अधिकारियों की मानें तो राज्य सरकार ने राज्य में खाद्य सामग्री पर स्टॉक सीमा लागू करने में रुचि नहीं दिखाई।
‘महंगाई के लिए केंद्र जिम्मेदार’
राज्य के खाद्य मंत्री घनश्याम तिवाड़ी से बातचीत
>> महंगाई रोकने के लिए राज्य सरकार क्या प्रयास कर रही है?
महंगाई केंद्र सरकार ही रोक सकती है। केन्द्र ने अब सीमेंट, स्टील और ऑयल शीड के निर्यात पर रोक लगाई है। इसे पहले भी किया जा सकता था।>> राज्य में स्टॉक सीमा लागू क्यों नहीं हो रही?
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत स्टॉक सीमा हटाने के बाद राज्य के पास कोई अधिकार नहीं है। >> पूर्वमंत्री किरोड़ीलाल मीणा का कहना है कि महंगाई रोकने के लिए सीएम को फाइल भेजी थी। आपका क्या कहना है?
इस संबंध में मुझे कुछ नहीं कहना।