बीकानेर. पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि और बारिश ने सब्जियों के भाव को आसमान पर चढ़ा दिया है। सब्जियों के भावों में पिछले दो महीनों में 30-35 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी हो गई है। सब्जियों के लगातार बढ़ते भावों के कारण उसके सामने फल खाना सस्ता सौदा साबित हो रहा है।वेस्टर्न डिस्र्टबेश (पश्चिमी विक्षोभ) के कारण एक सप्ताह पहले तक देश के कई हिस्सों में हुई ओलावृष्टि और बारिश ने सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचाया।
बारिश प्रभावित इलाकों से सब्जियों की आवक शुरू नहीं होने के कारण उसके दामों में बेतहाशा वृद्धि हो गई है। बीकानेर में अहमदाबाद, फिरोजपुर, टोंक, पंजाब, आबूरोड, चौमू, पीलीबंगा, मद्रास, कोयम्बटूर, जयपुर, कोलकात्ता, गुजरात, सूरत, महाराष्ट्र सहित देश के कई अन्य हिस्सों से सब्जियों की आवक होती है लेकिन पिछले दिनों इनमें से कई क्षेत्रों में बारिश और ओलावृष्टि हुई जिसके कारण यहां से सब्जियों की आवक बंद हो गई।
डिमांड बढ़ने और आवक घटने के कारण सब्जियों के भाव तेजी से बढ़ने शुरू हो गए। शहर में सब्जियों की डिमांड के अनुरूप कम आवक के बावजूद सब्जियां दूसरी मंडियों में सप्लाई की जा रही है। इसके कारण भी सब्जियों के भाव बढ़ रहे हैं। इन दिनों बीकानेर में सब्जियों की आवक डिमांड से आधी भी नहीं है।
शिमला मिर्च 70, भिंड़ी 80, करेला 70, खीरा 275, टमाटर 1000, लौकी 175, तुरई 12, परवल 20, ककड़ी के 600 नग (कॉटरून) पहुंच रहे हैं, जबकि इन सब्जियों की डिमांड इससे दुगुनी है। हर बार इस समय तक देहरादून और भरतासागर से अरबी की आवक शुरू हो जाती है लेकिन इस बार बारिश होने के कारण अभी तक अरबी नहीं पहुंच पाई है।
सब्जियों के बढ़े भावों ने फलों को भी सस्ता बना दिया है। स्थिति यह है कि सब्जियों की तुलना में फल खाना आसान साबित हो रहा है। इन दिनों फलों की बंपर आवक हो रही है। डिमांड के बराबर आवक होने के कारण फल आम आदमी तक पहुंच रहे हैं। शहर में बाहर से आने वाले फल दूसरे स्थानों पर भी भेजे जा रहे हैं। रसीले फलों से मंडी महक रही हैं।
फलों का राजा आम जहां मंडी की रौनक बना हुआ है, वहीं संतरा और रसीले अंगूर भी लोगों का जायका बदल रहे हैं। मंडी में आम, अंगूर, चीकू की दो-दो गाड़ियां प्रतिदिन पहुंच रही है, वहीं संतरा, पपीता और केले की भी एक-एक गाड़ी पहुंच रही है। फलों में सेव और अनार को छोड़कर कोई ऐसा फल नहीं है जो सब्जियों से अधिक महंगा हो। सेव और अनार की सीजन नहीं होने के कारण उनके भाव जरूर 40-50 रुपए के बीच बने हुए हैं।
फलाहार करने वालों के मजे
इन दिनों अगर आप फलाहार कर रहे हैं तो फायदे में रहेंगे। सेहत के साथ-साथ आपकी पॉकेट भी भारी होगी। सब्जियों के बढ़े दामों में फलाहार करने वालों की मौज हो गई है। एक तो फलों के दाम सब्जियों की तुलना में कम है। दूसरा फलों को खरीदने के बाद उन्हें तैयार करने में किसी तरह का कोई खर्चा भी नहीं आता। ऊपर से स्वास्थ्य के लिए लाभदायक और। इससे एकदम उलट हरी सब्जियों के भाव इस बार 35-40 रुपए के आसपास बने हुए हैं। सब्जियों को पकाने में तेल, मिर्च और मसाले का भी खर्च लगता है। ऐसे में फलाहार करने वालों की मौज बनी हुई है।