बीकानेर.
विद्युत निगम अब ऐसी ढाणियों तक बिजली पहुंचाएगा जहां अब तक बिजली नहीं पहुंची है। शर्त सिर्फ इतनी रहेगी कि ढाणियों की संख्या एक किलोमीटर के परिक्षेत्र में दस हो लेकिन रेगिस्तानी इलाकों में एक किलोमीटर क्षेत्र में अगर छह ढाणियां भी होंगी तो घरेलू कनेक्शन दिए जा सकेंगे।
ऊर्जा विभाग ने इस आशय के आदेश जारी कर दिए हैं। इसे ‘मुख्यमंत्री अपनी योजना’ के तहत लागू किया जाएगा। जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड क्षेत्र में इस योजना को लागू करने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्दी ही इस योजना के तहत आवेदन भी लिए जाएंगे।
योजना के लिए निर्धारित समूह में आवेदन करना होगा। आवेदन में यह उल्लेखित करना होगा कि क्षेत्र की शर्त के आधार पर आवेदकों की संख्या है। बीकानेर, चूरू और जैसलमेर जैसे रेगिस्तानी इलाकों के अलावा प्रदेश के दूसरे इलाकों में यह संख्या दस होनी जरूरी है।
आवश्यक संख्या के साथ आवेदन शुल्क के रूप में 200 रुपए की राशि जमा करवानी होगी। अगर पूर्व में कनेक्शन के लिए राशि जमा करवाई गई होगी तो यह राशि वापस जमा नहीं करवानी होगी। कनेक्शन के योग्य पाए जाने वाले समूह को प्रति आवेदक 3500 रुपए की राशि जमा करवानी होगी। इसके अलावा पोल, तार आदि से संबंधित सभी खर्च निगम खर्च करेगा।
निगम सूत्रों ने बताया कि निगम की ओर से प्रत्येक समूह में अधिकतम ढाई लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। योजना को इसी तरह से बनाया गया है कि ताकि इससे अधिक खर्च नहीं आए। इसलिए एक किलोमीटर क्षेत्र की सीमा रखी गई है। इस क्षेत्र में 11 केवी लाइन, लो टेंशन लाइन और पांच केवीए का ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि गणतंत्र दिवस समारोह में भागीदारी के लिए बीकानेर आए ऊर्जा राज्य मंत्री गजेंद्रसिंह खींवसर ने इस तरह की योजना के संबंध में जानकारी दी थी। संभावना है कि मुख्यमंत्री के 14 अप्रैल को बीकानेर दौरे के दौरान इस योजना को घोषित किया जाए।
बीकानेर संभाग की 1500 ढाणियों तक बिजली
बीकानेर संभाग में दस हजार से अधिक ढाणियां हैं और प्रदेश में लगभग 50 हजार ढाणियां बनी हुई हैं लेकिन ऊर्जा विभाग के निर्देश पर विद्युत निगम की ओर से लागू की जा रही मुख्यमंत्री अपनी योजना के तहत बीकानेर संभाग की लगभग 1500 ढाणियों को ही लाभ मिल पाएगा। इसमें संभाग के रेगिस्तानी जिले बीकानेर की 338, चूरू की 345 ढाणियां, सामान्य श्रेणी के जिले श्रीगंगानगर की 511 और हनुमानगढ़ की 318 ढाणियां शामिल हैं।
निगम सूत्रों के अनुसार इतनी ही ढाणियों में टेक्नीकली फिजीबलिटी है। रेगिस्तानी जिलों में 30 से सौ की आबादी वाले गांव और सामान्य जिलों में 50 से 100 आबादी की ढाणियों को आधार मानते हुए लाभान्वित होने वाली ढाणियों का आकलन किया गया है।
विदित रहे कि सौ से अधिक आबादी वाली ढाणियों के लिए पहले से ही राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतिकरण योजना के तहत लाभ मिल रहा है। ऐसी स्थिति में अब उन्हीं ढाणियों तक बिजली नहीं जा पाएगी जहां छह ढाणियों का समूह भी नहीं है।