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फिर चोरों का चैलेंज

अजमेर. हरिभाऊ उपाध्याय नगर में चार दिन पहले डकैती के बाद थानेदारों की रात- दिन विशेष गश्त को चोरों ने फिर चुनौती दे डाली। शुक्रवार रात अलवरगेट थाने से महज ढाई सौ मीटर दूर सहारा इंडिया बैंकिंग कंपनी की ब्रांच के ताले तोड़ कर चोर तीन कम्प्यूटर सिस्टम और कैश सहित करीब एक लाख रुपए का माल ले उड़े।

सेफ तोड़ने में चोर नाकाम रहे, इसमें भारी रकम थी। जाते समय चोर मुख्य दरवाजे पर खुद का ताला भी ठोक गए।पुलिस के अनुसार शनिवार सुबह ब्रांच मैनेजर रमेश केवलरमानी ने अलवर गेट थाने पर चोरी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वह सुबह करीब दस बजे जब ऑफिस पहुंचे थे तो मेन गेट पर दूसरा ताला लगा देख उन्हें हैरानी हुई।

कर्मचारियों और लोगों की मदद से ताला तोड़ कर अंदर गए तो भीतर गेट का ताला व कुंडी टूटी मिली। दफ्तर का सामान व फाइलें बिखरी और दराजें खुली हुई थीं। तीन कम्प्यूटर सिस्टम गायब थे। इनमें मॉनीटर, सीपीयू, की-बोर्ड, माउस और एक सोनी कंपनी का कैमरा मोबाइल शामिल है। उनकी दराज का लॉक टूटा हुआ था और करीब 18 हजार रुपए गायब थे। अन्य दराजों में से भी चोर करीब सात सौ रुपए की रेजगारी व नोट ले गए।चोरों ने एक आलमारी भी तोड़ी थी, लेकिन इसमें चेक और फाइलों के अलावा कुछ नहीं था। बड़ी सेफ भी तोड़ने की कोशिश की थी। इसमें करीब दो लाख रुपए से ज्यादा थे। कंपनी के अधिकारियों ने पुलिस को करीब एक लाख रुपए का नुकसान होना बताया है।

अलवर गेट थाने के एएसआई रामदत्त और अन्य पुलिसकर्मियों ने मौका मुआयना किया और चोरों के संदिग्ध फिंगर प्रिंट लिए गए।

नकबजन गैंग का हाथ
पुलिस का कहना है कि वारदात के तरीके को देख कर लगता है कि नकबजन गिरोह का हाथ है। चोरों ने दो-तीन दिन कार्यालय और यहां की गतिविधियों की टोह ली होगी। यही कारण है कि वे मेन गेट के ताले से मिलता-जुलता ताला साथ लाए। चोर मेन गेट का ताला तोड़ कर घुसे और भीतर से नया ताला लगा दिया ताकि गश्त करने वाले पुलिसकर्मी और लोगों की नजर में कार्यालय के मेन गेट पर ताला लगा दिखे। पुलिस का मानना है कि चोर ऑटो रिक्शा या अन्य वाहन लाए थे। तीन कम्प्यूटर सेट वगैरह पैदल ले जाना आसान नहीं है।

दीया तले अंधेरा
ब्रांच थाने से महज ढाई सौ मीटर की दूरी पर है। अलवरगेट चौराहे पर होमगार्ड और पुलिस तैनाती रहती है, बावजूद इसके चोरों ने ‘आंख से काजल चुराने’ वाली कहावत को चरितार्थ कर के दिखा दी। जिला पुलिस की स्पेशल टीम का कार्यालय भी अलवर गेट थाना है। मालूम हो की हरिभाऊ उपाध्याय नगर में डकैती के बाद एसपी के आदेश से सभी थाना इलाकों में विशेष गश्त की जा रही है।

बार-बार चुनौती
अलवर गेट थाने से महज पचास मीटर की दूरी पर स्थित एलआइसी कॉलोनी में एक महीने पहले चोरी हो चुकी है। थाने से करीब ढाई सौ मीटर की दूरी पर अलवर गेट चौराहे पर छह महीने के दौरान चार वारदातें हो चुकी है। चौराहा स्थित दूध डेयरी, पान की गुमटी, चाय की गुमटी और एसटीडी की दुकान के ताले तोड़ कर चोर पुलिस की सजगता को नाकाम ठहरा चुके हैं।

पारदी गिरोह पर शक
पुलिस को कुछ ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिनसे शक की सुई पारदी गिरोह की तरफ है। चोरों ने बैंक कार्यालय की फर्श पर मूत्र किया था। यह तरीका पारदी गिरोह का है। वारदात के बाद यह लोग वहीं शौच या लघुशंका से निवृत्त होते हैं।

कामकाज गड़बड़ाया
पांडे ने बताया कि चोरी गए कम्प्यूटर सिस्टम में सरवर भी था। इसमें ग्राहकों से लेन-देन का हिसाब और अन्य विवरण फीड थे। सिस्टम के अभाव में ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कामकाज भी गड़बड़ा गया है। तीन-चार दिन में सिस्टम सामान्य कर दिया जाएगा।

सुरक्षा इंतजाम नहीं
सहारा इंडिया कंपनी के रीजनल मैनेजर एसके पांडे ने बताया कि इस शाखा में रोजाना करीब तीन-चार लाख रुपए कैश होता है। बड़ी राशि दोपहर में बैंक में जमा करवा दी जाती है। शुक्रवार रात बैंक की डिफेंडर सेफ में 1 लाख 76 हजार रुपए था। चोर इसे खोल नहीं पाए, इससे राशि बच गई। ब्रांच में सायरन, सीसी कैमरे और अन्य सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। चौकीदार या गार्ड भी नहीं है। अब सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे।





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