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पाडे को बनाया मुख्य अतिथि

कोटा. gujगुर्जर बाहुल्य गांवों में जनप्रतिनिधियों को घुसने नहीं देने के ऐलान और विरोधस्वरूप तैयारी की भनक लगते ही संसदीय सचिव भवानी सिंह राजावत को प्रशासनिक शिविर में मुख्य अतिथि बनने से पूर्व ही ऐनवक्त पर कार्यक्रम बदलना पड़ा। वे रानपुर गांव में आखिर नहीं पहुंचे और मंडाना चले गए।

गुर्जरों ने मुख्यमंत्री सर्वजन संबल महाभियान के तहत शनिवार को रानपुर व मंडाना में रोजगार विकास जन समस्या समाधान शिविर लगाया गया। इसमें राजावत को मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेना था।

गुर्जरों को जब इसका पता चला तो उन्होंने विरोध स्वरूप संसदीय सचिव को जूतों की माला पहनाने की योजना बनाई। इसकी भनक संसदीय सचिव को लग गई। पहले उन्हें रानपुर पहुंचना था, लेकिन वे वहां नहीं पहुंचे। इंतजार करने के बाद राजस्थान गुर्जर महासंघ के कोटा संभाग संयोजक राजेश गुर्जर, संभागीय प्रभारी जानकीलाल गुर्जर, पंचायत समिति सदस्य मोहनलाल गुर्जर व जीवनी बाई के नेतृत्व में गुर्जरों ने एक पाडे (भैस के बच्चे) के गले में संसदीय सचिव के नाम की तख्ती और जूते-चप्पल की माला लटका दी। नारेबाजी करते व काले झंडे लहराते हुए वे जुलूस के रूप में पाडे को लेकर शिविर स्थल की तरफ बढ़ गए। गेट पर मौजूद विज्ञाननगर सीआई हनुमंत सिंह नाथावत, जगपुरा चौकी इंचार्ज सहित कई पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन, वे नहीं माने और पुलिसकर्मियों को धकियाते हुए पाडे को शिविर में घुसा दिया। कुछ देर वहां नारेबाजी करने के बाद पुलिस ने आंदोलनकारियों को वहां से बाहर निकाला।

एक दिन में तीन से अधिक शिविर का अवलोकन करना संभव नहीं था। रंगपुर, ताथेड़ व मंडाना में ही पूरा समय लग गया। इसलिए रानपुर नहीं गया। वहां जाने का वैसे भी कोई कार्यक्रम नहीं था। किसी के द्वारा विरोध करने की बात सामने नहीं आई। यदि किसी ने कुछ किया भी है तो कोई गंभीर बात नहीं है। विरोध करना समस्या का हल नहीं है। यदि कोई समस्या है तो रानपुर वासी बताएं, हल कर दी जाएगी।’
—भवानीसिंह राजावत, संसदीय सचिव





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