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घर के सपने पर महंगाई की मार

अंबिकापुर. houseदैनिक उपयोग के सामानों के साथ-साथ सीमेंट एवं लोहे की कीमतों में लगातार हो रही वृद्घि से घर बनवा रहे लोगों की नींद उड़ गई है। इससे सबसे ज्यादा मध्यम वर्गीय परिवार परेशान है। अपने घर का सपना संजोए ऐसे लोगों का बजट गड़बड़ा गया है। इससे व्यवसायी वर्ग भी परेशान हैं। कीमतों में लगातार हो रही वृद्घि से इन चीजों की बिक्री में मंदी आ गई है।

घर का सपना संजोए अपने जीवन की गाढ़ी कमाई से घर बनवा रहे लोगों का बजट सीमेंट एवं लोहे की कीमतों में लगातार हो रही वृद्घि से बिगड़ गया है।

वे सोच नहीं पा रहे हैं कि वे घर का निर्माण कार्य जारी रखें या फिर बंद कर दें। सबसे अधिक परेशान मध्यम वर्गीय परिवार है। बढ़ती महंगाई से अपने घर का सपना चकनाचूर होता नजर आ रहा है। उक्त सामानों के साथ-साथ भवन निर्माण सामग्री के अन्य सामानों में लगातार हो रही वृद्घि से वे समझ नहीं पा रहे हैं कि क्या करें?

असमंजस की स्थिति में फंसे ऐसे लोगों की महंगाई से कमर टूट गई है। इधर महंगाई है कि रूकने का नाम ही नहीं ले रही है। यह पूरी स्थिति पिछले एक माह के भीतर निर्मित हुई है। कीमतों में स्थिरता नहीं आने से व्यवसायी वर्ग परेशान है। इसके कारण भवन निर्माण सामग्री का व्यवसाय मंदा पड़ गया है। यह पूरी स्थिति पिछले एक पखवाड़े में निर्मित हुई है।

इस अवधि में ही सीमेंट, लोहे के साथ ही भवन निर्माण की अन्य सामग्री की कीमतों में वृद्घि हुई है। इसके कारण कई लोगों ने भवन निर्माण का कार्य बंद करवा दिया है ओर काम शुरू करवाने के लिए दरों में गिरावट होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि वे अपने सपने का घर बनवा सकें, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखकर यह नहीं लगता कि इनकी कीमतों में कोई खास कमी आएगी।

इस वर्ष घर बनवाने का काम शुरू करने गांधीनगर निवासी महेंद्र कुमार ने सीमेंट की दर में पिछले एक पखवाड़े में प्रति बोरी क रीब 20 रूपए वृद्घि के कारण घर का कार्य बंद करवा दिया है। उन्होंने बताया कि लगातार हो रही वृद्घि के कारण घर का पूरा बजट ही गड़बड़ा गया है। मजदूरी से लेकर गिट्टी-बालू तक के दर में सौ से दो सौ रूपए की वृद्घि हुई है।

ईंट-गिट्टी की भी कीमतें बढ़ीं
लोहे एवं सीमेंट के साथ भवन निर्माण की अन्य सामग्री की कीमतों में इजाफा हुआ है जिसकी मार आम लोगां पर पड़ रही है। ईंट व्यवसायियों द्वारा ईंट के मूल्य में प्रति हजार 200 रूपए की वृद्घि कर दी गई है। इससे अब एक नंबर के ईंट की कीमत प्रति हजार 2 हजार रूपए हो गई है। इसके साथ ढलाई के लिए लगने वाली गिट्टी की कीमतों में प्रति ट्राली 200 रूपए की वृद्घि होने से 30 एवं 40 एमएम की गिट्टी की कीमत प्रति ट्राली 18 सौ व दो हजार रूपए हो गई है। बालू के दर में प्रति ट्राली सौ रूपए की वृद्घि हुई है जिससे भवन निर्माण के कार्य पर खासा असर पड़ा है।

आसमान छूते भाव
मार्च तक सीमेंट का दर प्रति बोरी 175 से 178 रूपए था लेकिन अप्रैल माह के पहले सप्ताह में सीमेंट का मूल्य बढ़कर 195 रूपए प्रति बोरी हो गया है। वर्तमान में उक्त दर ही है। इससे पिछले एक पखवाड़े में सीमेंट के दर में करीब 20 रूपए प्रति बोरी की वृद्घि हुई है। इसी प्रकार लोके के कीमत में लगातार वृद्घि हो रही है।

दिसंबर माह तक लोहे की कीमत 25 सौ रूपए प्रति क्विंटल था लेकिन इसके बाद इसमें लगातार वृद्घि हुई और आज 41 सौ रूपए प्रति क्विंटल पर रूका है। मार्च में 43 सौ रूपए प्रति क्विंटल दर था लेकिन अप्रैल में इसमें प्रति क्विंटल की गिरावट हुई है इसके बाद भी लोहे की कीमत में दिसंबर से अप्रैल माह तक लगभग 75 फीसदी की वृद्घि हुई है जो एक रिकार्ड है।





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