HomeNewsMetrosChandigarh Chandigarh

66 फीसदी सीटें रिजर्व

चंडीगढ़हायर एजूकेशनल इंस्टीट्यूशंस में ओबीसी के लिए 27 फीसदी सीटें रिजर्व होने से पीयू और पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पैक) के कई डिपार्टमेंट्स में सीटों का संतुलन नए सिरे से बनाना होगा। नेशनल लेवल के कम्पीटिशन के बाद पीयू और पैक के इन डिपार्टमेंट्स या कोर्सेज में अभी तक सिर्फ लगभग 39 फीसदी सीटें ही रिजर्व थीं जिनकी संख्या बढ़कर 66 फीसदी हो जाएगी।

किस डिपार्टमेंट में कितना कोटा

पीयू में तीन डिपार्टमेंट्स में नेशनल लेवल कम्पीटिशन के बाद स्टूडेंट एडमिशन लेते हैं। इनमें 5 ईयर लॉ कोर्स (यूआईएलएस) को भी जोड़ दिया जाए तो वहां भी यह व्यवस्था लागू करनी होगी। इस समय पीयू के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी), यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस स्ट्डीज (यूबीएस) और केमिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में एडमिशन के लिए नेशनल लेवल का कम्पीटिशन होता है। इन डिपार्टमेंट्स में एनआरआई के लिए सीटें रिजर्व हैं, लेकिन पीयू के मामले में कोर्ट के आदेश के बाद यह सीटें कम होंगी। पीयू में विभिन्न कैटगरी में 39.5 फीसदी सीटें पहले रिजर्व हैं। ओबीसी कोटे को शामिल करने के बाद 66.5 फीसदी सीटें रिजर्व हो जाएंगी।

पैक में 50 फीसदी यूटी के लिए

पैक में 450 सीटें हैं, जिनमें 50 फीसदी यूटी (चंडीगढ़) के लिए रिजर्व हैं। यहां भी यूटी और नेशनल लेवल पर बंटने वाली सीटों में रिजर्वेशन पहले से लागू है। इस तरह पीयू में मौजूदा हालत में सीटों का निर्धारण नए तरीके से होगा।

क्रिएट होंगी नई सीटें!

ओबीसी को 27 फीसदी रिजर्वेशन के बाद अब पीयू के इन डिपार्टमेंट्स में नई सीटें क्रिएट हो सकती हैं। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पिछले साल पीयू को एनआरआई कोटे की कुछ कैटगरी की सीटें खत्म करने के आदेश दिए थे। जिसके बाद नए सेशन से ये सीटें खत्म हो जाएंगी। इन्हीं सीटों को ओबीसी के लिए मिले रिजर्वेशन के लिए इस्तेमाल करके संतुलन बनाया जा सकता है।

कहां पर कितनी सीटें

यूबीसीएस 140

यूआईईटी 275

कैमिकल इंजीनियरिंग 127

यूआईएलएस 100

पैक 450

अभी कोर्ट का फैसला आया है और हमें कोर्ट का सम्मान करते हुए फैसला लागू करना है। अब नई सीटें क्रिएट करनी हैं या मौजूदा स्ट्रक्चर में ही एडमिशन देना है, यह केंद्र सरकार से गाइड लाइन मिलने के बाद ही फाइनल हो सकेगा। फिर सीटें बढ़ाने के संबंध में कई दूसरी तकनीकी बातों पर भी ध्यान देना होगा।

-प्रो. आरसी सोबती, वीसी, पीयू





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: