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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर.
राज्य सरकार ने गरीबों को तीन रुपए किलो चावल के प्रचार-प्रसार के लिए नायाब नुस्खा खोजा है। शासन ने सभी जिला शिक्षाधिकारियों को पत्र लिखकर जिला और ब्लाक स्तर पर चावल से संबंधित प्रतियोगिताएं आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। पत्रें में स्पष्ट उल्लेख है कि इसका उद्देश्य शासन द्वारा संचालित चावल योजना की बच्चों को जानकारी देना है।
ब्लाक स्तर पर प्रतियोगिताएं शुरु हो चुकी हैं। जिला मुख्यालयों में 15 अप्रैल से आयोजन शुरु होंगे। 21 अप्रैल को समापन की तारीख तय की गई है। 25 अप्रैल को डीईओ से प्रतियोगिता की पूरी रिपोर्ट मांगी गई है। लोक शिक्षण संचालनालय से जारी पत्र की भाष कड़क है।
अफसरों को सीधे-सीधे आदेश दिए गए हैं कि हल हाल में प्रतियोगिता का आयोजन करना है। प्रतियोगिता में जीतने वाले बच्चों को पुरस्कार बांटने के लिए भव्य समारोह आयोजित करने कहा गया है। पुरस्कार वितरण समारोह जिस विकासखंड और गांव में आयोजित किए जाएंगे, वहां के जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और समाज सेवा से जुड़े लोगों को आमंत्रित करने तक की हिदायत दी गई है।
शिक्षा विभाग के जानकारों ने बताया कि बोर्ड की परीक्षाएं समाप्त हो चुकी हैं। ज्यादातर स्कूलों में प्राथमिक, मिडिल और हाई स्कूल स्तर की लोकल परीक्षाएं भी हो चुकी हैं। परीक्षाएं समाप्त होने के कारण ज्यादातर स्कूलों में गर्मी की छुट्टी का माहौल है। शालाओं में ताला लगा है। ऐसे में शिक्षा विभाग के मुख्यालय से जारी फरमान ने अफसरों की नींद उड़ा दी है। चूंकि प्रतियोगिता का मुद्दा सरकार की योजना से जुड़ा है, ऐसी दशा में अफसर चाहकर भी विरोध नहीं कर पा रहे हैं। बच्चों को प्रतियोगिता में शामिल करने के लिए घरों से बुला-बुलाकर लाने के अलावा उनके सामने और दूसरा विकल्प नहीं बचा है। जिले की डीईओ शैल शांडिल्य ने बताया कि 21 अप्रैल को दानी गल्र्स हायर सेकेंडरी स्कूल में दोपहर 12 बजे प्रतियोगिता होगी। उसी दिन पुरस्कार वितरण किया जाएगा।
इनाम और भोजन का ठीकरा
प्रतियोगिता में तीनों विषयों के लिए प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के पुरस्कार बांटे जाएंगे। विकासखंड स्तर की प्रतियोगिता में बच्चों के ईनाम की व्यवस्था और समारोह के लिए खर्च की जिम्मेदारी स्कूल के प्राचार्य और विकासखंड अधिकारी को सौंपी गई है। बच्चों को गांव-गांव से विकासखंड मुख्यालय तक लाने का खर्च भी अधिकारियों को वहन करना होगा। जिला स्तर पर सारे खर्च का ठीकरा डीईओ पर डाला गया है। बच्चों को घर से लाने से लेकर वापस भिजवाने तक की जिम्मेदारी डीईओ पर होगी।
कैसे होगी प्रतियोगिता
चावल योजना का प्रचार घर-घर तक पहुंचाने की गरज से प्रतियोगिता प्राथमिक से लेकर मिडिल और हाई व हायर सेकेंडरी तीनों स्तर पर करवाने का निर्णय लिया गया है। तीसरी से पांचवी तक के बच्चों की प्रतियोगिता अलग हो रही है। छठवीं से आठवीं तक के बच्चों को एक श्रेणी में रखा गया है। 10वीं-12वीं के विद्यार्थी एक ही श्रेणी में हैं। तीनों श्रेणी की तीनों प्रतियोगिताओं का पुरस्कार वितरण अलग होगा।