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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. डिप्टी जेलर सीएल कौल ने बैरक के निरीक्षण के दौरान गांजे के पैकेट जब्त किए। बाद में पूरा मामला वहीं दबा दिया गया। जेल के सूत्रों ने बताया कि बदनामी और अनावश्यक जांच में उलझने की झंझट से बचने की गरज से गांजा मिलने की शिकायत आला अफसरों से नहीं की गई। बताते हैं कि गांजे के छोटे-छोटे पैकेट बैरक के सामने खुले गलियारे में पड़े थे। ऐसा माना जा रहा है कि किसी बंदी ने पकड़े जाने के भय से उसे फेंक दिया था। शनिवार को भी जेल में एक घटना सामने आई।
वहां बैरक नंबर 11 में कैद रिखीराम ने पेड़ से छलांग लगाकर जान देने की कोशिश की । इस प्रयास में उसके पैर की हड्डी फ्रैक्चर हो गई। जेल के आला अफसरों का कहना है कि बंदी को महासमुंद जेल से यहां शिफ्ट किया गया था। उसके परिवार वाले मुलाकात के लिए नहीं आते। इसी वजह से उसने व्यथित होकर यह कदम उठाया। दूसरी ओर जानकारों का दावा है कि बंदी इलाज की बेहतर सुविधा न मिलने और भोजन की क्वालिटी के कारण परेशान था।