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हाय पानी...

रायपुर. पूर्व, पश्चिम, उत्तर या दक्षिण..रायपुर में हर दिशा में एक से ज्यादा मोहल्ले पानी के जबर्दस्त संकट से जूझ रहे हैं। पुरानी बस्ती, टिकरापारा, तेलीबांधा, पंडरी, फाफाडीह और गुढ़ियारी से लेकर कोटा और डंगनिया तक, जगह-जगह पानी के लिए मारामारी मचने लगी है। दैनिक भास्कर टीम ने सर्वे में पाया कि वीआईपी इलाकों को छोड़ दिया जाए तो हर जगह पानी को लेकर कोई न कोई शिकायत जरूर है। कंकालीपारा में रामचंद्र मंदिर के आसपास गलियों में नल 5 से 10 मिनट के लिए खुल रहे हैं।

अर्थात, हर नल से ज्यादा से ज्यादा दो-तीन बाल्टी पानी। पटवापारा पूरी तरह बोर पर निर्भर हो गया। लोगों ने बताया कि पांच मिनट के लिए ही नल आता है। बोर अप्रैल में सूख जाएंगे, इसके बाद केवल टैंकर का सहारा रहेगा। पुरानी बस्ती इलाके में लिली चौक से लाखेनगर ढाल तक पानी के लिए हायतौबा मची हुई है। लोगों ने बताया कि इलाके के दो दर्जन से ज्यादा नल महीनों से सूखे हैं। पार्षद राजेश ठाकुर इलाके की पुरानी पाइप लाइन कई जगह से लीक है। चार साल से लिखा-पढ़ी की जा रही है लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। तात्यापारा चौक के अंदरूनी इलाके भी पानी के संकट से घिर गए हैं। शिवनगर, बजरंगनगर, हनुमाननगर में नल तीन-चार फीट गड्ढे में हैं, तभी पानी आता है। आमापारा बाजार और धोबीपारा में भी लोगों ने फोर्स नहीं रहने की शिकायत की है।

बदबूदार पानी

गर्मी-बारिश में हर साल पीलिया से ग्रस्त होने वाले मौदहापारा के नलों से फिर गंदा पानी निकलने लगा है। ब्राम्हण गली में पानी नहीं आता। वहां के लोग पानी भरने अफरोज बाग जाते हैं। सड़क के पीछे की कुछ गलियों के नलों से भी गंदा पानी आ रहा है। तालाबपार बस्ती के लोगों ने बताया कि पांच से 10 मिनट तक साफ पानी आता है, फिर गंदा पानी आने लगता है। मौदहापारा युवा संघर्ष समिति के शेख मुशीर ने चेतावनी दी है कि पाइप लाइनें नहीं सुधरीं तो महापौर सुनील सोनी के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।

सालभर बोरिंग

गुढ़ियारी के शुक्रवारी बाजार, पहाड़ीपारा, हाउसिंग बोर्ड कालोनी में पानी की सप्लाई घट गई है। खालबाड़ा, सतनामीपारा और कुंदरापारा में नलों में सालभर फोर्स नहीं रहता। जनता कालोनी यानी हाउसिंग बोर्ड कालोनी में गुढ़ियारी की बड़ी पानी टंकी लगी है, फिर भी पानी का संकट है। कुंभारे चौक के पास संपवेल में पानी नहीं के बराबर रहता है। वहां पानी के लिए मारपीट भी होने लगी है। लोगों ने बताया कि नल में केवल 10 मिनट पानी आता है, और वो भी एक टाइम। कालोनी से लगे एकतानगर, आंबेडकरनगर और अशोकनगर जैसे इलाकों में भी फोर्स अचानक कम हो गया है। देवेंद्रनगर के सेक्टर तीन और पांच में नलों की धार पतली होने लगी है। इन सेक्टरों में कई लोगों ने मटमैला पानी आने की शिकायत की। सेक्टर-1 का हाल तो ये है कि सालभर टैकर चलाने पड़ रहे हैं।

महीनेभर से सूखा

नई जल वाहिनी के विस्तारीकरण के कारण बंजारी माता वार्ड के रामेश्वर नगर, रामजानकी मंदिर, साई नगर और केबिन पारा में पिछले एक महीने से नल बंद हैं। पार्षद नागभूषण राव ने बताया कि पीएचई के इंजीनियर तक पता नहीं लगा सके हैं कि पानी बंद क्यों हुआ। टैंकर चल रहे हैं लेकिन इतने बड़े इलाके की प्यास कैसे बुझाएंगे।

यहां सालभर टैंकर

संतोषीनगर, मठपुरैना, टिकरापारा के आसपास का इलाका, खमतराई, रमण मंदिर वार्ड और आसपास, मोवा का आउटर, टाटीबंध का बड़ा इलाका, चंगोराभाठा, शंकरनगर आउटर, शांतिनगर का कुछ हिस्सा, भनपुरी और राजातालाब के कुछ हिस्से में टैंकर सालभर चलाने पड़ रहे हैं।





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